115 किलो की कांवड़… एक पलड़े में मां, दूसरे में चाची! इस शिवभक्त को देखकर हर कोई रह गया भावुक

मुजफ्फरनगर के दूल्हेरा गांव निवासी शिवभक्त यशवीर 115 किलो की अनोखी कांवड़ में अपनी मां और चाची को बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने समाज को माता-पिता की सेवा और सम्मान का संदेश दिया। उनकी अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 1 August 2026, 8:47 AM IST
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Muzaffarnagar: सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर में एक ऐसी अनोखी कांवड़ देखने को मिली जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शिवभक्त यशवीर अपनी कांवड़ के एक पलड़े में 70 वर्षीय मां कृष्णा देवी और दूसरे पलड़े में 65 वर्षीय चाची फूलों को बैठाकर यात्रा कर रहे हैं। करीब 115 किलो वजन की इस कांवड़ को कंधों पर उठाकर चल रहे यशवीर को लोग आधुनिक दौर का 'श्रवण कुमार' कह रहे हैं।

हरिद्वार से शुरू हुई आस्था की अनोखी यात्रा

दूल्हेरा गांव निवासी यशवीर 24 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर रवाना हुए। वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पैदल यात्रा करते हुए गांव के शिवालय तक पहुंचेंगे, जहां शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। उनकी अनोखी कांवड़ यात्रा को देखने के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

115 किलो की कांवड़ से दिया समाज को संदेश

यशवीर ने बताया कि मां और चाची के साथ कांवड़ यात्रा निकालने का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देना भी है। उनका कहना है कि आज के समय में कई लोग अपने माता-पिता की उपेक्षा करते हैं, जबकि हर संतान का पहला धर्म उनकी सेवा करना है। उन्होंने कहा कि यदि लोग इस यात्रा से प्रेरणा लेकर अपने माता-पिता का सम्मान करें, तो यही उनकी सबसे बड़ी सफलता होगी।

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'माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा'

यशवीर ने बताया कि वह पहले भी इस तरह की कांवड़ यात्रा कर चुके हैं और उन्हें इसमें किसी प्रकार की परेशानी महसूस नहीं होती। उनका कहना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से पूरी यात्रा सुचारु रूप से पूरी हो रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और उनकी सेवा को जीवन का सबसे बड़ा धर्म मानें।

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मां ने बेटे को दिया आशीर्वाद

यशवीर की मां कृष्णा देवी ने बेटे की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। उन्होंने भगवान शिव से बेटे की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही समाज से अपील की कि कोई भी अपने माता-पिता को दुख न दे और उनका सम्मान करे। इस अनोखी कांवड़ यात्रा ने श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम लोगों को भी भावुक कर दिया और सेवा, संस्कार तथा पारिवारिक मूल्यों का प्रेरणादायक संदेश दिया।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  1 August 2026, 8:47 AM IST

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