हिंदी
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR (IMG: Dynamite News)
Maharajganj: सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर एक युवक से लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले युवक को कंपनी और सरकारी विभाग में संविदा पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया, फिर मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम से कथित फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और कन्फर्मेशन लेटर भेजकर उसका विश्वास जीत लिया गया। इतना ही नहीं, खाते में वेतन की रकम भी भेजी गई ताकि किसी तरह का शक न हो। बाद में नौकरी स्थायी कराने के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए गए। जब दस्तावेजों की सच्चाई सामने आई तो पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई।
मामला महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र के फरेन्दा बुजुर्ग गांव का है। पीड़ित कुलदीप गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उसके बड़े पिता संतोष गुप्ता की पहचान कुछ लोगों से थी। इसी पहचान का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसे भरोसे में लिया और बताया कि भोपाल (मध्य प्रदेश) में एक सरकारी विभाग और Cemosa कंपनी में संविदा पर भर्ती निकली है।
पीड़ित के अनुसार, फरवरी 2025 में उसे भोपाल भेजा गया। वहां की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद उसके ई-मेल पर मुख्यमंत्री कार्यालय, मध्य प्रदेश के नाम से कथित ज्वाइनिंग लेटर और कन्फर्मेशन लेटर भेजे गए। इन दस्तावेजों को देखकर उसे पूरा भरोसा हो गया कि उसकी नौकरी लग चुकी है। इतना ही नहीं, उसके बैंक खाते में 18,200 रुपये वेतन के रूप में भी आए, जिससे उसका विश्वास और मजबूत हो गया।
कुलदीप का आरोप है कि कुछ समय बाद आरोपियों ने कहा कि नौकरी को स्थायी कराने के लिए सात लाख रुपये देने होंगे। सरकारी नौकरी के भरोसे में उसने आरोपियों की बात मान ली और किस्तों में रकम देना शुरू कर दिया। शिकायत के मुताबिक, नकद के अलावा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और यूपीआई के जरिए भी भुगतान किया गया। आरोप है कि लुकमान अंसारी और कोमल सुदामत पडकर के बैंक खातों में कई बार पैसे भेजे गए। परिवार के अन्य सदस्यों के खातों से भी रकम ट्रांसफर की गई।
काफी समय बीतने के बाद भी न तो नियमित वेतन आया और न ही नौकरी स्थायी हुई। इस पर कुलदीप को शक हुआ। उसने संबंधित विभाग से ज्वाइनिंग लेटर और कन्फर्मेशन लेटर की जांच कराई। जांच में सामने आया कि दोनों दस्तावेज कथित रूप से फर्जी थे। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसके साथ नौकरी के नाम पर बड़ा धोखा हुआ है।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो पहले आरोपियों ने पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में साफ इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 20 अप्रैल 2026 को महराजगंज मुख्यालय स्थित तहसील गेट पर मुलाकात के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
‘महराजगंज पहल’ बनी अनाथ बच्चों की नई उम्मीद, 1456 बच्चों को योजनाओं से जोड़ने निकला प्रशासन
पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली सदर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर के अनुसार, आरोपी अदालत हुसैन उर्फ सुबेदार, अलाउद्दीन अंसारी, लुकमान अंसारी उर्फ सोनू और कोमल सुदामत पडकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें अदालत हुसैन, लुकमान अंसारी और कोमल सुदामत पडकर का पता ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र, जनपद गौतमबुद्ध नगर बताया गया है।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेन-देन, यूपीआई ट्रांजैक्शन, कथित फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, कन्फर्मेशन लेटर और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि दस्तावेजों और लेन-देन में फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Location : Maharajganj
Published : 1 August 2026, 1:57 PM IST