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लखनऊ में सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। फर्जी नियुक्ति पत्र देकर भाई-बहन से 16.5 लाख रुपये ऐंठने का आरोप है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता फरार है।
भाई-बहन से ऐंठे लाखों
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सचिवालय में तैनात एक चपरासी पर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले ने न सिर्फ सचिवालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाने वाले गिरोहों की पोल भी खोल दी है।
यह मामला लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र का है, जहाँ दो सगे भाई-बहन ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्हें सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 16 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए गए। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी खुद को सचिवालय में प्रभावशाली कर्मचारी बताता था और अंदरूनी सेटिंग के जरिए नौकरी लगवाने का दावा करता था।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी चपरासी ने पहले उनसे मेलजोल बढ़ाया और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। इसके बाद सचिवालय में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया। शुरुआत में छोटी रकम ली गई, फिर अलग-अलग बहानों से मोटी रकम वसूली जाती रही। कभी फाइल आगे बढ़ाने, कभी अधिकारी को खुश करने तो कभी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर पैसे लिए गए।
जब पीड़ितों ने नौकरी ज्वाइन करने की बात कही, तो आरोपियों ने उन्हें एक फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। इसके बाद कभी विभाग का नाम लेकर तो कभी अलग-अलग कार्यालयों में भेजकर उन्हें इधर-उधर भटकाया जाता रहा। कई महीनों तक पीड़ित इस उम्मीद में दौड़ते रहे कि उनकी नौकरी जल्द शुरू होगी।
काफी समय बीत जाने के बाद जब पीड़ित भाई-बहन को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों का रवैया अचानक बदल गया। पीड़ितों का आरोप है कि पैसे लौटाने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। इससे डरे-सहमे भाई-बहन मानसिक तनाव में आ गए।
आखिरकार पीड़ितों ने हिम्मत जुटाकर तालकटोरा थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ठगी के आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, लेकिन इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि इस तरह की ठगी का शिकार और भी लोग हो सकते हैं। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।