UP News: सोनभद्र में खदान हादसा, टिपर चालक की मौत, परिजनों का प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में टिपर चालक की जान चली गई। जिसके बाद गुस्साएं परिजनों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 26 December 2024, 9:19 PM IST
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सोनभद्र: चोपन थाना क्षेत्र के डाला बाड़ी खनन क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में टिपर चालक की जान चली गई। हादसा तब हुआ जब चालक टिपर लेकर खदान के निचले हिस्से में जा रहा था। 

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, टिपर अनियंत्रित होकर खदान में गिर गया और चालक उसकी चपेट में आ गया। मृतक की पहचान हरिलाल (55) निवासी थाना क्षेत्र ओबरा के रूप में हुई है।

घटना स्थल पर मची अफरा-तफरी

घटना की जानकारी मिलते ही खदान में काम कर रहे मजदूर बाहर निकल आए और रोड पर जमा हो गए। सूचना पर चोपन थाना प्रभारी विजय चौरसिया मौके पर पहुंचे और मजदूरों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद सीओ सिटी चारु द्विवेदी भी घटनास्थल पर पहुंचीं।

सीओ चारु द्विवेदी का बयान 

सीओ चारु द्विवेदी ने बताया कि खदान में टिपर अनियंत्रित होकर गिर गया, जिससे हरिलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले चोपन के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल लोढ़ी रेफर किया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने किया रोड जाम

हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर रोड जाम कर दिया। इस दौरान ओबरा थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह और सीओ हर्ष पांडेय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

प्रशासन ने दिया आश्वासन

मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रजनीश यादव ने परिजनों को आश्वासन दिया कि खदान मालिक और विभाग की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके बाद करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाया।

खनन क्षेत्र में हादसे पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। अगर खनन नियमावली का पालन होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। खनन क्षेत्र में ऐसी घटनाएं आम हैं, लेकिन कई बार हादसों की जानकारी सामने नहीं आ पाती।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

प्रशासन ने घटना की जांच और खदान मालिक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने खदान क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Published : 
  • 26 December 2024, 9:19 PM IST

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