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सोनभद्र में 19 वर्षीय आरती की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पिता ही कातिल निकला, जबकि मां पर भी सहयोग का आरोप है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बेटी के कातिल मां-बाप
Sonbhadra: रात की खामोशी में एक बेटी की सांसें थम गई और सुबह होते-होते पूरा गांव सन्न रह गया। सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र में हुई 19 वर्षीय आरती की हत्या को पहले बाहरी वारदात दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पांच दिन बाद जो सच सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। इस खौफनाक कत्ल का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि खुद उसका पिता निकला।
पिता ही निकला बेटी का कातिल
घोरावल थाना क्षेत्र के महुआंव पांडेय गांव में आरती की सोते समय गला दबाकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस जघन्य वारदात को किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि आरती के पिता रामलखन उर्फ रवि उर्फ बाठे ने अंजाम दिया था। हत्या में मां कृष्णावती की भी भूमिका सामने आई है। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पहले दूसरों पर मढ़ा गया आरोप
गौरतलब है कि पांच जनवरी को आरती की हत्या के बाद पिता और मां ने गांव के ही दो युवकों पर आरोप लगाया था। उनका कहना था कि युवक प्रेम संबंध को लेकर दबाव बना रहे थे और नाकाम होने पर उन्होंने गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन पूछताछ में आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
जांच में खुली परतें
ग्रामीणों से पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। पता चला कि घटना वाली रात आरती खेत वाले घर से उठकर गांव वाले घर चली गई थी। भोर में उसकी तलाश करते हुए माता-पिता वहां पहुंचे थे और कुछ घंटों बाद ही उसकी मौत की खबर आई। संदेह गहराने पर पुलिस ने पिता के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला, जिसमें दो हत्याओं समेत कई संगीन मामले सामने आए।
कड़ाई से पूछताछ में टूटा आरोपी
शुक्रवार को हिरासत में लेकर जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो सच्चाई सामने आ गई। बताया गया कि जिन लोगों से रामलखन की पुरानी रंजिश थी, उनके लड़के आरती से फोन पर बात करते थे। पिता ने कई बार मना किया, युवकों की पिटाई भी की, लेकिन बातचीत बंद नहीं हुई। घटना की रात भी उसने बेटी को फोन पर बात करते पकड़ लिया और थप्पड़ मारे।
गुस्से में की हत्या
डांट-फटकार से आहत होकर आरती रात में गांव वाले घर चली गई। जब पिता वहां पहुंचा और उसे सोता देखा तो गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया। मां ने भी वारदात में सहयोग किया। बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए युवकों के खिलाफ झूठा आरोप लगा दिया गया।
चालान कर भेजा गया जेल
प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव के अनुसार, पूछताछ के बाद दोनों को हत्या और साक्ष्य छिपाने से जुड़ी धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला एक बार फिर ऑनर किलिंग की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है।