सांसद पंकज चौधरी, विधायक जयमंगल कन्नौजिया मुर्दाबाद और हाय-हाय के नारों से गूंजा महराजगंज

डीएन ब्यूरो

NH730 के निर्माण में कमीशनखोरी के चक्कर में ठेकेदार को संरक्षण देने के खिलाफ रविवार को जनता का धैर्य जवाब दे गया। दो महीने से अंदर ही अंदर सुलग रहा गुस्सा सुबह सवेरे फूट पड़ा। सौ-सौ साल से अपने नंबर पर काबिज लोगों को बुलडोजर तले रौंदवाने को छोड़ भाजपा के सांसद और विधायक जिले से लापता हो गये। जितने मुंह उतनी बात की जा रही है। उनके वोटों से जीनते के बाद नेता जनता को मरते छोड़ गोवा और मुंबई घूम रहे हैं। डाइनामाइट न्यूज़ एक्सक्लूसिव:


महराजगंज: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, योगी और सुनील बंसल को यह जानकर झटका लगेगा कि जनपद मुख्यालय पर आम जनता ने उनके सांसद व विधायक की ऐसी लानत-मलामत की है जिसकी उन्होंने कल्पना भी नही की होगी।

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दो महीने से शिकारपुर-महराजगंज-पकड़ी मार्ग के नेशनल हाईवे 730 (National Highway 730) के किलोमीटर संख्या 485 से 505 के निर्माण के दौरान लखनऊ के प्राइवेट ठेकेदार कंपनी महाकालेश्वर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड (Mahakaleshwar Infratech Private Limited) के गुर्गों ने महराजगंज में अंधेरगर्दी और धांधलेबाजी फैला रखी है। 

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नेशनल हाइवे के अधिशासी अभियंता मणिकांत अग्रवाल कह रहे हैं कि हम किसी की निजी जमीन पर निर्माण नहीं करेंगे। इसका कोई प्रावधान इस सड़क के निर्माण के नियमों में शामिल नहीं है। यही बात लिखा-पढ़ी में अधिकारी आरटीआई के जवाब में भी दे रहे हैं लेकिन हकीकत में सांसद और विधायक के संरक्षण के कारण प्राइवेट ठेकेदार के ड्राइवर, खलासी, मेठ जबरन गुंडागर्दी पर उतारु हैं। 

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गुंडागर्दी इस कदर कि दहशत फैलाकर बिना कटर मशीन के पोकलैंड व बुलडोजर से बिना लिखित नोटिस व मुआवजे के सौ-सौ साल से अपने नंबर पर काबिज लोगों को जबरदस्ती कह दिया जा रहा है कि अतिक्रमण है। तुरंत हटाओ नही तो हम बुलडोजर से कुचल देंगे। 

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ठेकेदार जबरन बिजली-पानी की मूलभूत सेवाओं को बिना बताये गुंडागर्दी से तहस-नहस कर मकान बुलडोजर से रौंदवा रहा है। 

मौके पर न तो सड़क बनाने वाली प्राइवेट कंपनी के ठेकेदार हैं और न ही नेशनल हाइवे के इंजीनियर। 

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अंधेरगर्दी का आलम यह है कि ठेकेदार ने न तो कार्यस्थल पर कार्य संबंधी कोई डिस्पले बोर्ड लगाया है और न ही कोई शिकायत या सुझाव पेटिका रखी गयी है। निर्माण कार्यों की खराब गुणवत्ता पर पहले ही लोग अपनी भारी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। नगर के युवा अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने तो अपने खून से खत लिखा। भारी आंदोलन दो महीने से जनता कर रही है लेकिन सांसद-विधायक से लेकर हर जिम्मेदार सब बातों को अनसुना कर रहे हैं। इन बारे में जनता ने खुला आरोप लगाया कि अरबों रुपये के इस निर्माण के पीछे भारी पैमाने पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की लूट मचायी गयी है। यही कारण है कि जनता को मरता छोड़ जिले के सांसद विधायक जिले से बाहर गोवा और मुंबई के दौरे पर हैं। 

लोगों का गुस्सा इस बात पर भी है कि भ्रष्टाचार के आरोप में नगर पालिका अध्यक्ष के पद से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बर्खास्त किये जा चुके वर्तमान सदर विधायक अपनी मनमर्जी से अपने विरोधियों पर हाइवे निर्माण के नाम पर पर्दे के पीछे से निशाना साध रहे हैं।

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जब निर्माण रमपुरवां से मुख्य चौराहे और फिर कोतवाली होते हुए पकड़ी तक होना है तो कैसे ठेकेदार के गुर्गे अपने आकाओं के इशारे मनमाने जगह पर अचानक आकर तोड़फोड़ करने लग रहे हैं। एक तरफ से निर्माण के लिए तोड़-फोड़ करने की बजाय जिन लोगों ने इनको वोट नहीं दिया उनको चिन्हित करके बदले की भावना से बुलडोजर के तले एक साजिश के तहत रौंदवाया जा रहा है। 

लोगों का गुस्सा सांसद पंकज चौधरी पर इसलिए भी भड़का है कि दो महीने से वे आम जनता को झूठा आश्वासन देते रहे कि मैंने चौड़ाई तीन मीटर कम करवा दी है लेकिन जब तबाही मचाय़ी गयी तो 16-16 मीटर की बजाय 20-20 मीटर तक तोड़ डाले गये। 

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हजारों लोग ऐसे हैं जो मोदी और योगी के नाम पर पंकज और जयमंगल को वोट देने के बाद पछता रहे हैं।

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