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सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Img: Google)
Lucknow: भारतीय राजनीति में इन दिनों चुनावी पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद अब समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबी पोस्ट करते हुए भाजपा पर “मतमारी” और “हकमारी” जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनावों की पवित्रता को नष्ट करने की साजिश रच रही है।
अखिलेश यादव का आरोप
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "भाजपा भ्रष्टाचार का विश्वविद्यालय है और चुनावी भ्रष्टाचार का ब्रह्मांडविद्यालय। हक़मारी और 'मतमारी' से भाजपा लोकतंत्र को ख़त्म करने का जो षड्यंत्र रच रही है, हम सब मिलकर उसे कामयाब नहीं होने देंगे।"
भाजपा भ्रष्टाचार का विश्वविद्यालय है और चुनावी भ्रष्टाचार का ब्रह्मांडविद्यालय।
हक़मारी और *‘मतमारी’* से भाजपा लोकतंत्र को ख़त्म करने का जो षड्यंत्र रच रही है, हम सब मिलकर उसे कामयाब नहीं होने देंगे।
जनता समझे:
- भाजपा कुछ लोगों की मिलीभगत से कभी अपने समर्थक फ़र्ज़ी मतदाताओं… pic.twitter.com/JhcfqdqThz
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 10, 2025
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा मिलीभगत से फर्जी मतदाता जोड़ती है, विपक्षी वोटरों के नाम कटवाती है और बूथ कब्जाकर फर्जी वोटिंग करवाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावों में सत्ता का दुरुपयोग करती है और प्रशासनिक मशीनरी के माध्यम से चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है।
ईवीएम और सीसीटीवी को लेकर आरोप
सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि भाजपा के समर्थकों को नकली पहचान पत्र के माध्यम से कई-कई बार वोट डलवाए जाते हैं और यहां तक कि ईवीएम तक बदली जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी कैमरों के सामने तक फर्जीवाड़ा किया जाता है और जिला प्रशासन के सहयोग से मतगणना में हेरफेर की जाती है।
आंकड़ों के जरिए प्रमाण
अखिलेश यादव ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए रामपुर और कुंदरकी विधानसभा सीटों पर 2012 से 2024 तक हुए विधानसभा चुनावों और उपचुनावों में सपा और भाजपा के वोट शेयर के आंकड़ों को साझा किया। उन्होंने दो ग्राफ भी पोस्ट किए, जिनसे यह दिखाने की कोशिश की गई कि कैसे भाजपा ने अस्वाभाविक रूप से वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी की है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने के बाद, अब अखिलेश यादव की इस तीखी टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। दोनों नेताओं की टिप्पणियों से यह साफ है कि विपक्ष अब चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर रूप से आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
Location : Lucknow
Published : 10 August 2025, 2:33 PM IST