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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और राज्य सरकार के बजट और नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के हाथ से “अंतिम बजट” भी निकल गया है, लेकिन इसमें न बेरोजगारी दूर करने का ठोस विजन दिखता है और न ही किसानों की आय दोगुनी करने का कोई स्पष्ट रोडमैप।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव
Lucknow: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और राज्य सरकार के बजट और नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के हाथ से “अंतिम बजट” भी निकल गया है, लेकिन इसमें न बेरोजगारी दूर करने का ठोस विजन दिखता है और न ही किसानों की आय दोगुनी करने का कोई स्पष्ट रोडमैप। उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि अब तक हुए एमओयू और डील्स का वास्तविक फायदा किसे मिला, इसकी जानकारी जनता को क्यों नहीं दी जा रही।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है, लेकिन बजट में युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नजर नहीं आता। उनका आरोप था कि जो सरकार अपने प्रचार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर सकती है, वह युवाओं को रोजगार देने में विफल साबित हो रही है।
सपा प्रमुख ने किसानों की आय दोगुनी करने के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने जैसे वादों का जमीनी असर दिखाई नहीं देता। ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जबकि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है।
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उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय डील्स के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (SME) को मिलने वाली सहायता पर बजट में स्पष्टता नहीं है। बड़ी संख्या में SME पंजीकृत नहीं हैं, ऐसे में सरकारी योजनाएं उन तक कैसे पहुंचेंगी, यह भी अनुत्तरित सवाल है।
लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता की बड़ी बातें
➡️जो सरकार अपने पुराने वादे भूल जाए तो बड़ा होने से क्या फायदा?
➡️सरकार केवल गलत आंकड़ों और प्रचार से जनता को गुमराह कर रही है।
➡️सरकार ने अपने को चमकाने में 10 हजार करोड़ रुपए खर्च कर दिए।
➡️बजट बनाते समय यह सरकार… pic.twitter.com/DaaITfi6Mg— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 11, 2026
अखिलेश यादव ने पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “इधर हथेली गर्म, उधर पुलिस नर्म,” और दावा किया कि संगठित अपराध में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार भाजपा शासन में पुलिस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं।
सपा प्रमुख ने धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा विदेश नीति ने भारत के बाजार और आर्थिक हितों को कमजोर किया है। मेट्रो और अन्य विकास परियोजनाओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कई जगहों पर बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हुईं।