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डिजिटल ब्लैकमेलिंग से बचने के उपाय (Img- Pinterest)
New Delhi: आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से हुई बातचीत या पहचान वाले से विवाद कई बार भयावह रूप ले लेता है। साइबर अपराधी अक्सर महिलाओं को उनकी निजी तस्वीरें, वीडियो, चैट या निजी जानकारियां इंटरनेट पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते हैं।
ऐसे हालात में सबसे बड़ी भूल डरकर उनकी मांगें मानना या पैसे ट्रांसफर करना होता है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि डरने के बजाय साहस और समझदारी से काम लेना चाहिए, क्योंकि कानून और साइबर पुलिस पूरी तरह आपकी सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं।
जब भी कोई व्यक्ति इस तरह की धमकी दे, तो घबराकर चैट डिलीट न करें। सबसे पहला और अहम काम यह है कि बातचीत के स्क्रीनशॉट तुरंत सुरक्षित कर लें। स्क्रीनशॉट में धमकी देने वाले का मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया यूजरनेम, प्रोफाइल लिंक, तारीख और समय साफ दिखना चाहिए।
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यदि कोई संदिग्ध फोटो, वीडियो या ईमेल भेजा गया है, तो उसे भी संभालकर रखें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अनुसार ये डिजिटल सबूत आरोपी को बेनकाब करने में सबसे मजबूत हथियार बनते हैं।
बार-बार धमकी मिलने पर ब्लैकमेलर से लंबी बहस करने या उसे समझाने में समय बर्बाद न करें। ब्लैकमेलर की बातों में आकर कोई भी कदम उठाने से पहले तुरंत कानूनी और तकनीकी मदद लें।
सभी जरूरी स्क्रीनशॉट और सबूत सुरक्षित करने के तुरंत बाद उस अकाउंट, पोस्ट या प्रोफाइल को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'ब्लैकमेल/ह्रासमेंट' कैटेगरी में रिपोर्ट करें। इससे प्लेटफॉर्म उस संदिग्ध अकाउंट के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर सकता है।
पीड़ित महिला अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर आसानी से शिकायत दर्ज करा सकती हैं। शिकायत दर्ज कराते समय घटना की सटीक तारीख, समय, पूरी जानकारी और जुटाए गए डिजिटल सबूत अपलोड करना अनिवार्य होता है। शिकायत दर्ज होने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलता है, जिससे आप अपनी शिकायत की स्थिति (Status) को कभी भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकती हैं।
यदि धमकी बेहद गंभीर हो, निजी सामग्री इंटरनेट पर वायरल कर दी गई हो या जान-माल का खतरा महसूस हो, तो बिना वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस स्टेशन में संपर्क करें। आपातकालीन स्थिति में 112 डायल करें। इसके अलावा महिलाएं विशेष हेल्पलाइन 181 और साइबर क्राइम राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर फोन करके तुरंत मदद प्राप्त कर सकती हैं। याद रखें, इस प्रकार की डिजिटल हिंसा में आपकी कोई गलती नहीं है, इसलिए चुप रहने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
Location : New Delhi
Published : 26 September 2026, 12:36 PM IST