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राहुल गांधी ने लोकसभा में वायु प्रदूषण को गंभीर मुद्दा बताया और सरकार से इसे नियंत्रित करने के लिए योजना बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले में सहयोग करने को तैयार है और शहरों को प्रदूषण मुक्त बनाने पर जोर दिया जाए। साथ ही, उन्होंने संसद में इस विषय पर व्यापक बहस कराने की मांग की।
संसद के शीतकालीन सत्र (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने संसद में स्पष्ट किया कि पूरे साल हवाई किराये पर नियंत्रण रखना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि त्योहारों और हाई-सीजन के दौरान टिकट की कीमतें बढ़ जाती हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि अनियंत्रित बाजार उपभोक्ताओं को लंबे समय में लाभ पहुंचाता है। इसके साथ ही उन्होंने विमानन क्षेत्र को विकसित होने देने के लिए नियंत्रण में ढील देने का तर्क भी रखा।
लोकसभा में शुक्रवार को रेलवे मंत्रालय ने देश में रेल सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए। मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक दशक में रेल दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। जहां 2004-05 से 2013-14 के बीच 904 लोगों की जान गई थी, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर सिर्फ 18 रह गई। रेल मंत्री ने बताया कि आधुनिक तकनीक, ट्रैक सुधार और सुरक्षा उपायों के चलते यह बड़ी सफलता मिली है।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इंडिगो एयरलाइंस पर मनमाने किराए व कमजोर सुविधाओं को लेकर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन जितना ऊंचा किराया वसूलती है, उसके हिसाब से यात्रियों को सुविधाएं बिल्कुल नहीं मिलतीं। पाल ने मांग की कि इस तरह की मनमानी पर सरकार को रोक लगानी चाहिए। उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा किसी भी एयरलाइन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली की सड़कों की स्थिति को लेकर अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के शासन में राजधानी की सड़कें खस्ताहाल हो गई थीं, जिन्हें अब रेखा गुप्ता सरकार ठीक कर रही है। बिधूड़ी ने दावा किया कि दिल्ली में जल्द ही 13 हजार इलेक्ट्रिक बसें उतारी जाएंगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में बढ़ती पराली जलाने की घटनाओं पर केजरीवाल किसानों को गलत दिशा में भड़का रहे हैं।
दिल्ली में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा स्पीकर को लिखे गए पत्र पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी नाम का जिक्र किए गई शिकायत की जांच कौन करेगा। कीर्ति आजाद ने कहा कि जीरो ऑवर सभी सांसदों के लिए होता है, लेकिन इसे बेवजह इस्तेमाल करना उचित नहीं। उनका मानना है कि बिना नाम लिए की गई शिकायत केवल राजनीतिक विवाद को जन्म देती है।
गोवा के नाइटक्लब में लगी आग के मामले में आरोपी क्लब मालिकों को थाईलैंड से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हरशवर्धन श्रृंगला ने कहा कि प्रत्यर्पण में कोई बड़ी दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि कानूनी प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ेगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद आरोपी जल्द ही भारत लौट आएंगे।
लोकसभा के शीतकालीन सत्र से पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सांसदों के परफॉर्मेंस का मूल्यांकन किया गया। हालांकि केरल से सांसद शशि थरूर इसमें शामिल नहीं हुए। थरूर पहले भी 30 नवंबर को हुई स्ट्रैटजिक मीटिंग में मां के साथ फ्लाइट में होने के कारण उपस्थित नहीं हो पाए थे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदूषण को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने सरकार से इस संकट से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी योजना बनाने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार सही कदम उठाती है तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। इस चर्चा में शहरों को प्रदूषण मुक्त बनाने और नागरिक स्वास्थ्य सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।
लोकसभा में मदुरै मंदिर विवाद पर चर्चा के दौरान हंगामा शुरू हो गया। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने इस मामले पर अपनी बात रखी। विपक्ष के सांसदों ने विरोध करते हुए भारी हंगामा किया। इस कारण अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही अस्थायी रूप से स्थगित कर दी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि संसद में बहस केवल दोषारोपण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि चर्चा का उद्देश्य भविष्य के लिए योजनाओं और कार्यवाहियों पर होना चाहिए। राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि जहां सहमति है, वहां उसका लाभ उठाया जाए और असहमति वाले मुद्दों पर विवेचना हो। उनका कहना था कि यह एक दिलचस्प प्रयोग होगा, जिससे भारत के लोगों के भविष्य पर केंद्रित संवाद को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार शुरू से ही सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली चर्चा के लिए तैयार थी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी की अगुवाई वाली मुख्य विपक्षी पार्टी सहित सभी सदस्यों के सुझावों को शामिल कर समाधान निकाला जाएगा। सरकार अलग-अलग कानूनों और नियमों के तहत इस चर्चा को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। मंत्री ने यह भी जोर दिया कि संसद सत्र में सहयोग और संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी।
लोकसभा में शुक्रवार को राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने सरकार से इस संकट से निपटने के लिए ठोस योजना बनाने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मामले में सहयोग करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने संसद में इस विषय पर व्यापक बहस कराने की भी मांग की।
राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण पर सरकार से संसद में चर्चा की मांग की#parliamentwintersession #PollutionControl #AirPollution @RahulGandhi pic.twitter.com/7aIvZb55st
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) December 12, 2025
संसद सत्र के दौरान ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय के खिलाफ विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने उन्हें ई-सिगरेट पीते हुए पाया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित शिकायत दी। एमपी ने मामले की छानबीन और उचित कार्रवाई की मांग की है। सदन में सांसदों के इस व्यवहार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और सदन की गरिमा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
New Delhi: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर बड़ी चर्चाएं हो रही हैं। मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय को संसद परिसर के बाहर सिगरेट पीते हुए देखा गया, जिससे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत ने चिंता जताई। उन्होंने सांसद के व्यवहार को सार्वजनिक स्वास्थ्य और सदन की गरिमा के लिए हानिकारक बताया। भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने इस मामले में लिखित शिकायत स्पीकर को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की।
इसी बीच, भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने विपक्ष और खासकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब संसद में महत्वपूर्ण बहस चल रही होती है, तब राहुल गांधी विदेश चले जाते हैं। उनका कहना था कि विपक्ष बार-बार संसद का समय बर्बाद करता है, जबकि उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर रहना चाहिए।
वहीं, राज्यसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि देश की अदालतों में कुल 5.49 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें से करीब 90 हजार मामले सुप्रीम कोर्ट में हैं, जबकि 25 हाई कोर्टों में 63.63 लाख मामले लंबित हैं। निचली अदालतों में लंबित मामलों की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि मामलों की जटिलता, सबूतों की प्रकृति, पक्षकारों का सहयोग और अदालतों की भौतिक सुविधाएं मुख्य कारण हैं। सत्र के पल-पल अपडेट के लिए पढ़ते रहें डाइनामाइट न्यूज़ पर।