हिंदी
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में घरेलू मेड ने अपने मालिक के घर फर्जी ED रेड की साजिश रची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। नकली आईडी, वर्दी, पिस्टल, महंगी घड़ियां और ज्वेलरी बरामद की गई।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Delhi News: राजधानी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू मेड ने अपने ही मालिक के घर पर फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड की साजिश रच डाली। यह घटना उजागर होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस साजिश की योजना काफी सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी।
पुलिस के अनुसार, घरेलू मेड ने अपने एक करीबी साथी के साथ मिलकर इस वारदात की पूरी रूपरेखा तैयार की थी। उसने अपने मालिक के घर से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी अपने साथी को पहले ही उपलब्ध करा दी थी। इसमें घर में रहने वाले सदस्यों की संख्या, उनकी दिनचर्या, घर का आंतरिक ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारियां शामिल थीं।
योजना के तहत उसका साथी खुद को ED अधिकारी बताकर घर में प्रवेश करने वाला था। मकसद था घरवालों को सरकारी जांच का डर दिखाकर कीमती सामान और नकदी हड़पना। आरोपी ने इस फर्जी रेड को असली दिखाने के लिए नकली पहचान पत्र और वर्दी तक का इंतजाम कर लिया था, ताकि किसी को शक न हो।
मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय पूछताछ के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कई आपत्तिजनक और संदिग्ध सामान बरामद किए गए।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से सात महंगी घड़ियां, एक डिप्टी कमांडेंट की यूनिफॉर्म, एक नकली पहचान पत्र, एक पिस्टल और कुछ कीमती ज्वेलरी बरामद की है। इन बरामद वस्तुओं से साफ संकेत मिलता है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद की गई घड़ियां और ज्वेलरी कहीं किसी अन्य अपराध से तो जुड़ी नहीं हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की फर्जी रेड को अंजाम दिया है।
दिल्ली पुलिस फिलहाल मामले के हर एंगल से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इस साजिश का खुलासा न होता, तो आरोपी बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दे सकते थे। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी अब सरकारी एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।