महिला वकील पर हमले का CJI सूर्यकांत ने लिया संज्ञान, वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपने का आदेश

महिला अधिवक्ता पर हुए कथित बर्बर हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को कई अहम निर्देश जारी किए और अस्पतालों को भी फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत ने ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया और कहा कि जांच महिला अधिकारी द्वारा की जाए तो बेहतर होगा।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 27 April 2026, 1:08 PM IST
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New Delhi: दिल्ली में महिला अधिवक्ता पर हुए कथित बर्बर हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को कई अहम निर्देश जारी किए। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया और कहा कि जांच महिला अधिकारी द्वारा की जाए तो बेहतर होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी एसीपी या डीसीपी रैंक की होनी चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान बताया कि अदालत को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग वाला पत्र मिला था, जिसके बाद स्वतः संज्ञान लिया गया। कोर्ट ने कहा कि महिला के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

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पारिवारिक विवाद में हमले की बात कबूली

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को जानकारी दी कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मुख्य आरोपी पीड़िता के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है, जो दिल्ली के सोनिया विहार इलाके का निवासी है।

दिल्ली पुलिस ने उसे 25 और 26 अप्रैल की दरम्यानी रात खजूरी खास क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने 22 अप्रैल को अपनी 38 वर्षीय पत्नी पर चाकू से हमला किया। पूछताछ में आरोपी ने पारिवारिक विवाद के चलते वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

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अस्पतालों को फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक अन्य गंभीर पहलू पर भी सवाल उठाया। अदालत ने दिल्ली प्रशासन और पुलिस को यह जांच करने का निर्देश दिया कि घायल महिला को कथित तौर पर तीन अलग-अलग अस्पतालों ने भर्ती करने से इनकार क्यों किया।

कोर्ट ने कहा कि यदि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिलता, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अदालत ने जिम्मेदारी तय करने और पूरे घटनाक्रम की जांच करने पर जोर दिया।

लापता बच्चों को तलाशने का आदेश, स्टेटस रिपोर्ट तलब

पीठ ने उस आरोप पर भी संज्ञान लिया जिसमें कहा गया कि पीड़िता के ससुराल पक्ष दो नाबालिग बच्चों को अपने साथ ले गया है और उनका कोई पता नहीं चल रहा। अदालत ने दिल्ली पुलिस को दोनों बच्चों का तत्काल पता लगाने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई में मामले की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। फिलहाल पुलिस घरेलू विवाद, हमले की परिस्थितियों और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

Location :  New Delhi

Published :  27 April 2026, 1:08 PM IST

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