NEET Row: किसकी गलती, अब होगा खुलासा! नीट आंदोलन में पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

NEET पेपर लीक विवाद के बीच पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित ज्यादती के आरोपों पर अदालत ने गंभीर टिप्पणी करते हुए निष्पक्ष जांच के संकेत दिए। कोर्ट ने साफ कहा कि नियम तोड़ने वालों को जवाब देना होगा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 28 July 2026, 8:50 PM IST
google-preferred

New Delhi: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बीच पुलिस कार्रवाई के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा मामला नजर आ रहा है, जिसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि वह पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने पर विचार कर सकता है। अदालत का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।

कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। अगर किसी ने कानून अपने हाथ में लिया है या तय सीमाओं से बाहर जाकर कार्रवाई की है तो उसके खिलाफ कदम उठाया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पुलिस की तय प्रक्रिया या प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है तो उस पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

पेपर लीक मुद्दे पर लोकसभा में गरजीं डिंपल यादव, बोलीं- छात्रों के साथ समाजवादी पार्टी हमेशा खड़ी रहेगी

छात्रों पर कार्रवाई के आरोपों की होगी जांच

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित सख्ती से जुड़े आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत के अनुसार, पूरे मामले की जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर होनी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। जांच प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से किए जाने की बात भी कही गई।

स्वतंत्र समिति बनाने पर विचार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर जांच समिति बनाई जाती है तो उसमें कौन-कौन लोग शामिल होंगे, इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष रहे और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।

CJP Protest में छात्रों को खाना खिलाने की पुलिस ने दी ऐसी सजा, गाजियाबाद का युवक पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जानें पूरा मामला

पुलिस कार्रवाई को लेकर तय होंगे दिशा-निर्देश

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस ज्यादती से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर दिए गए न्यायिक सिद्धांतों को एक साथ संकलित करने का समय आ गया है। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं से जुड़े मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार किए जा सकेंगे।

पूरे देश की नजर सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर

यह मामला NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई से जुड़ा है। छात्रों और अन्य पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों पर अब अदालत की टिप्पणियों के बाद नई चर्चा शुरू हो गई है।

Location :  New Delhi

Published :  28 July 2026, 8:50 PM IST

Related News

Advertisement