PM मोदी पर टिप्पणी के बाद 14 साल की लड़की को धमकियां, सुप्रीम कोर्ट ने दिए सुरक्षा के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने वाली 14 वर्षीय लड़की और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर दिल्ली और यूपी पुलिस को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने लड़की की FIR पर दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी। मामले में कथित उत्पीड़न और परिवार पर हमले के आरोप हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 11 September 2026, 1:04 PM IST
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New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने वाली 14 वर्षीय लड़की और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। गुरुवार को CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस को जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।

लड़की के परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

लड़की के वकील ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद लड़की और उसके परिवार को कथित तौर पर परेशान किया गया। आरोप है कि उसके दिल्ली स्थित घर पर पत्थर भी फेंके गए। इसके बाद लड़की और उसका परिवार नोएडा चला गया।

वकील के मुताबिक, परिवार पर हुए कथित हमले को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

CJI की पीठ ने सुरक्षा को लेकर दिया निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि अगर शिकायत में थोड़ी भी सच्चाई है और प्रथम दृष्टया मामला सही प्रतीत होता है तो लड़की और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए।

पीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस को लड़की और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं दिल्ली पुलिस से FIR के आधार पर की गई जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया।

'उपद्रवियों को खुलेआम घूमने की अनुमति नहीं'

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मामले में तत्काल कार्रवाई की जरूरत बताई। पीठ ने कहा कि कथित तौर पर लड़की को परेशान करने या उसके परिवार के घर पर हमला करने वालों को खुलेआम घूमने और परिवार को डराने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

मामले में पुलिस ने लड़की के पिता पर हमले की FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी थीं। कथित उत्पीड़न के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज नाम के व्यक्ति को बुलंदशहर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

दूसरे मामले में अधिकारी सस्पेंड

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नोएडा में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लॉ के छात्र को 'पीस बॉन्ड' का नोटिस देने वाले एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को निलंबित कर दिया गया है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में जिला मजिस्ट्रेट की कोई भूमिका नहीं थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर राहत दी गई थी।

Location :  New Delhi

Published :  11 September 2026, 1:04 PM IST

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