BRICS Summit 2026: 7 साल बाद नई दिल्ली आ रहे चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping, 67 सदस्यीय दल और ‘राइट हैंड’ होंगे साथ

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद 67 सदस्यीय उच्च स्तरीय दल और अपने 'राइट हैंड' काई क्यूई के साथ भारत आ रहे हैं, जहाँ वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

Updated : 11 September 2026, 11:17 AM IST
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New Delhi: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ऐतिहासिक कूटनीतिक दौरे पर भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। वह आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल यात्रा को लेकर कूटनीतिक हलकों में सुगबुगाहट थी, लेकिन इसकी औपचारिक प्रक्रिया 27 अगस्त को ही शुरू हो गई थी, जब बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के समक्ष वीजा के लिए आधिकारिक आवेदन दाखिल किया गया था। इस यात्रा को पूरी तरह गोपनीय और बेहद सुनियोजित रखा गया है ताकि सुरक्षा और कूटनीतिक प्रोटोकॉल में कोई चूक न हो।

विशाल प्रतिनिधिमंडल और शीर्ष सहयोगियों की मौजूदगी

चीनी राष्ट्रपति के साथ आने वाले 67 सदस्यीय उच्च स्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल में चीन की सत्ता के कई सबसे ताकतवर चेहरे शामिल हैं। इस पूरे दल में शी जिनपिंग के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगी और उनके 'राइट हैंड' कहे जाने वाले काई क्यूई मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। काई क्यूई कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) के पोलितब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य हैं, जो उन्हें चीनी पदानुक्रम में सर्वोच्च स्थान पर रखता है। उनके अलावा, चीन के अनुभवी और कद्दावर विदेश मंत्री वांग यी भी इस मुख्य प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करते हुए भारत आ रहे हैं। सरकारी अधिकारियों के इस बड़े जत्थे के अलावा, दोनों देशों के बीच आर्थिक कूटनीति को मजबूती देने के उद्देश्य से एक अलग चीनी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी इस दौरान भारत के दौरे पर रहेगा।

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तय शेड्यूल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता

शी जिनपिंग का यह पूरा दौरा ठीक 24 घंटे का होगा। उनका विमान शनिवार को दोपहर 12:10 बजे दिल्ली की धरती पर उतरेगा, जबकि उनका वापसी का सफर अगले दिन यानी रविवार को दोपहर 12:20 बजे तय किया गया है। इस संक्षिप्त प्रवास के दौरान शनिवार की शाम को चीनी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने की प्रबल संभावना है। साल 2024 में दोनों नेताओं के बीच हुई शुरुआती मुलाकातों के बाद सुधरते और पटरी पर लौटते रिश्तों के बीच शी जिनपिंग का सात साल के लंबे अंतराल के बाद यह पहला भारत दौरा है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।

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सुरक्षा के कड़े पहरे में नई दिल्ली

विदेशी मेहमानों के आगमन को देखते हुए नई दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। मेहमानों के ठहरने वाले चुनिंदा होटलों से लेकर उनके काफिले के गुजरने वाले हर एक संभावित रूट पर सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा पहरा बैठा दिया गया है। शी जिनपिंग की इस यात्रा से न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक संवाद के लिहाज से भी इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  11 September 2026, 11:09 AM IST

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