BRICS Summit 2026: संयुक्त घोषणापत्र पर बनी सहमति, देर रात तक चली बातचीत के बाद भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक सफलता

BRICS Summit 2026 में संयुक्त बयान जारी करने पर सदस्य देशों के बीच सहमति बन गई है। भारत की अध्यक्षता में देर रात तक चली बातचीत के बाद यह कूटनीतिक सफलता हासिल हुई, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया जैसे मुद्दों पर मतभेद मौजूद थे।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 12 September 2026, 4:08 PM IST
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नई दिल्ली: दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। सदस्य देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने को लेकर सहमति बन गई है। इस सहमति तक पहुंचने के लिए BRICS देशों के प्रतिनिधियों के बीच देर रात तक लंबी और गहन बातचीत चली, जो सुबह करीब चार बजे तक जारी रही।

संयुक्त बयान को आज जारी करने की तैयारी है। यह सहमति ऐसे समय बनी है, जब BRICS के सदस्य देशों के बीच कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर अलग-अलग राय रही है।

रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के मुद्दों पर बनी चुनौती

BRICS के भीतर रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सभी सदस्य देशों की सोच एक जैसी नहीं रही है।

बातचीत के दौरान इन विषयों को लेकर मतभेद भी सामने आए। हालांकि, भारत ने अध्यक्ष देश के तौर पर सभी पक्षों के बीच संवाद बनाए रखा और साझा सहमति तैयार करने की दिशा में काम किया।

भारत का प्रयास रहा कि किसी एक मुद्दे पर मतभेद के कारण समूह की पूरी प्रक्रिया प्रभावित न हो और BRICS की एकजुटता बनी रहे।

ईरान, सऊदी अरब और UAE के बीच संतुलन बड़ी चुनौती

इस बार BRICS में पश्चिम एशिया के तीन प्रभावशाली देश ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल हैं। इन देशों के बीच कई क्षेत्रीय और रणनीतिक मुद्दों पर अलग-अलग रुख रहा है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच इन देशों को एक साझा बयान के लिए साथ लाना भारत के सामने बड़ी कूटनीतिक चुनौती थी।

इसके बावजूद बातचीत का सिलसिला जारी रहा और सभी सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने की कोशिश सफल रही।

भारत की अध्यक्षता में तैयार हुआ साझा रास्ता

इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है। अध्यक्ष देश के रूप में भारत की भूमिका केवल सम्मेलन आयोजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सदस्य देशों के अलग-अलग हितों के बीच संतुलन बनाना भी अहम जिम्मेदारी है।

संयुक्त बयान पर सहमति को भारत की कूटनीतिक क्षमता और नेतृत्व के तौर पर देखा जा रहा है। अलग-अलग भू-राजनीतिक परिस्थितियों वाले देशों को एक मंच पर लाकर भारत ने साझा दस्तावेज तैयार करने का रास्ता बनाया।

BRICS की एकजुटता का संकेत

संयुक्त बयान पर सहमति BRICS समूह की एकजुटता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह संदेश देता है कि सदस्य देशों के बीच गंभीर मतभेदों के बावजूद वे वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर साथ काम करने की कोशिश कर सकते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  12 September 2026, 4:08 PM IST

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