डॉलर की बादशाही को चुनौती: BRICS समिट में BRICS PAY की तैयारी, जानिए पीएम मोदी और पुतिन का नया मास्टरप्लान

नई दिल्ली ब्रिक्स समिट में BRICS PAY और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार पर बड़ी सहमति की तैयारी है। पीएम मोदी ने UPI और भारतीय स्टार्टअप्स का लोहा मनवाया। वहीं भारत-रूस ने 2030 तक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 September 2026, 11:09 AM IST
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New Delhi: वैश्विक वित्तीय प्रणाली में अब तक पश्चिमी देशों और डॉलर का जो वर्चस्व रहा है, उसे नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के मंच से सीधी चुनौती मिलती दिख रही है। ब्रिक्स देशों ने न केवल पश्चिमी पाबंदियों और डॉलर की निर्भरता को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है, बल्कि 'स्वदेशी डिजिटल भुगतान' के दम पर एक समानांतर और स्वतंत्र आर्थिक साम्राज्य बनाने की ठोस नींव भी रख दी है।

BRICS Pay: डॉलर के एकाधिकार का विकल्प

सम्मेलन के दौरान रूस, भारत और ईरान स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) में व्यापार करने पर पूरी तरह एकमत नजर आए। व्यापार को बिना किसी विदेशी रुकावट या स्विफ्ट (SWIFT) जैसे पुराने पेमेंट सिस्टम के चलाने के लिए 'ब्रिक्स पे' (BRICS Pay) नाम की नई भुगतान प्रणाली पर बड़ी सहमति बनने के आसार हैं।

इस प्रणाली का मूल मकसद सीमा पार लेनदेन को आसान बनाना, व्यापारियों को बिना डॉलर के कारोबार की छूट देना और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपनी स्थानीय मुद्रा में ही आसानी से भुगतान की सुविधा देना है।

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यूपीआई (UPI) की ताकत से दुनिया को दिशा दिखाएगा भारत

बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की डिजिटल क्रांति को ब्रिक्स की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का लगभग 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट भारत के यूपीआई से होता है।

पीएम मोदी ने 'मेक इन इंडिया, इनोवेट विद इंडिया' का आह्वान करते हुए कहा कि भारत अपनी इस डिजिटल लेयर को पूरे ब्रिक्स और उसके 21 साझेदार देशों के परिवार तक ले जाना चाहता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

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भारत-रूस 100 अरब डॉलर के ट्रेड मिशन पर

शिखर सम्मेलन से इतर पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 45 मिनट की अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। इसमें दोनों देशों ने साल 2030 तक अपने आपसी व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर (करीब 8.8 लाख करोड़ रुपये) के पार ले जाने का महा-लक्ष्य तय किया। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा, खुले आपूर्ति चैनलों और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा पर भी पीएम मोदी ने विशेष जोर दिया।

Location :  New Delhi

Published :  12 September 2026, 11:09 AM IST

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