किला नदी के उफान से 300 घर जलभराव की चपेट में, बरेली के इन इलाकों में बाढ़ ने उड़ाई नींद

किला नदी का पानी कब उतरेगा और कब लौटेंगे लोग अपने घर? बरेली में 90 परिवार आशियाना छोड़ने को मजबूर हैं, जबकि सैकड़ों मकानों के आसपास अब भी पानी जमा है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 12 September 2026, 11:28 AM IST
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Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में किला नदी का जलस्तर कम नहीं होने से शहर के कई निचले इलाकों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। किला छावनी और कर्मचारीनगर की कॉलोनियों में दो से तीन फीट तक पानी भरा है। सबसे ज्यादा परेशानी लाजपतनगर के लोगों को हो रही है, जहां 98 में से करीब 90 परिवार अपने घर छोड़ चुके हैं। लोगों को रिश्तेदारों के यहां, किराये के मकानों और होटलों में शरण लेनी पड़ रही है।

तीन दिन से पानी में डूबी कॉलोनी

किला नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कर्मचारीनगर के निचले इलाकों में तीन दिनों से जलभराव है। लाजपतनगर कॉलोनी के अध्यक्ष अरविंद त्रिपाठी के मुताबिक, मोहल्ले में अब भी करीब दो फीट पानी भरा हुआ है। कॉलोनी के 98 घरों में से लगभग 90 परिवार घर छोड़ चुके हैं। केवल ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले कुछ परिवार ही यहां रुके हैं।

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250 से अधिक घरों के आसपास भरा पानी

किला छावनी क्षेत्र में भी दो से तीन फीट तक पानी जमा है। कॉलीधाम मंदिर क्षेत्र, बारह बीघा, गोकुल मटिया, लाल मटिया और सैदपुर समेत आसपास के इलाकों में करीब 250 से 300 घर जलभराव से प्रभावित बताए जा रहे हैं। नदी किनारे हुए अतिक्रमण और निचले क्षेत्रों में निर्माण को समस्या की बड़ी वजह माना जा रहा है।

गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ा

लंबे समय से पानी भरा होने के कारण कॉलोनियों में दुर्गंध, कीचड़ और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोग बुखार और दूसरी बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। घरों तक पहुंचने के रास्ते पानी में डूबे होने से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है।

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रेजीडेंसी गार्डन से निकला पानी

नगर निगम की टीम ने रातभर पंप चलाकर रेजीडेंसी गार्डन से पानी निकाल दिया। अब लोग अपने घरों में लौटकर कीचड़ और गंदगी साफ कर रहे हैं। घरों में लगे पंप से गंदा पानी आने के कारण जलकल विभाग की आपूर्ति से सफाई की जा रही है। निगम कर्मचारी सड़कों से कीचड़ हटाने और चोक सीवर लाइन खोलने में जुटे हैं।

वन मंत्री और नगर आयुक्त ने देखा हाल

वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निचले इलाकों से पंप लगाकर पानी निकालने, सीवर साफ कराने और लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त ने बताया कि निचले क्षेत्रों से पंपों की सहायता से लगातार पानी निकाला जा रहा है। नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही प्रभावित इलाकों को पूरी राहत मिल सकेगी।

Location :  Bareilly

Published :  12 September 2026, 11:28 AM IST

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