CJP Protest में छात्रों को खाना खिलाने की पुलिस ने दी ऐसी सजा, गाजियाबाद का युवक पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जानें पूरा मामला

गाजियाबाद निवासी और CJP छात्र आंदोलन से जुड़े फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस पर अवैध हिरासत, धमकाने और परिवार को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जुनैद का दावा है कि जंतर-मंतर से लौटते समय उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र के पास छोड़ दिया गया। फिलहाल इन आरोपों पर संबंधित पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 28 July 2026, 6:03 PM IST
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Ghaziabad Desk: गाजियाबाद निवासी और CJP छात्र आंदोलन से जुड़े फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक ने पुलिस पर अवैध हिरासत, धमकाने और परिवार को प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जुनैद का दावा है कि उन्हें जंतर-मंतर से लौटते समय हिरासत में लेकर आंखों पर पट्टी बांध दी गई और बाद में देहरादून रोड पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कथित पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र निवासी जुनैद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि गाजियाबाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके पिता को हिरासत में लिया और घर पर दबिश भी दी। याचिका में उन्होंने इन कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग की है।

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जंतर-मंतर से लौटने के दौरान हिरासत का दावा

एक वीडियो इंटरव्यू में जुनैद मलिक ने दावा किया कि वह जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में फूड वॉलंटियर के रूप में पहुंचे थे। जुनैद ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें एक कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वह एक साथी के साथ इलाज के लिए दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल गए। जुनैद का कहना है कि रात करीब 12:10 बजे अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने ऑटो किया। उनका आरोप है कि करीब 50 मीटर आगे एक गाड़ी ने उनका रास्ता रोक लिया। गाड़ी में मौजूद लोगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का बताते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और उनके साथ मारपीट नहीं की जाएगी। इसके बाद उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और उन्हें एक अन्य स्थान पर ले जाया गया।

फंडिंग और भोजन वितरण को लेकर पूछताछ का आरोप

जुनैद ने दावा किया कि उन्हें देहरादून रोड की ओर ले जाया गया, जहां एक अधिकारी ने उनसे कई सवाल पूछे। उनसे पूछा गया कि आंदोलन के लिए कोई फंडिंग तो नहीं मिल रही, खाने का इंतजाम कैसे किया जाता है और भोजन कहां से वितरित किया जाता है? उन्होंने आरोप लगाया कि पूछताछ के बाद उन्हें फिर गाड़ी में बैठाकर एक स्थान पर छोड़ दिया गया।

बाद में जुनैद को कहां छोड़ा?

जुनैद ने बताया कि जब उन्होंने वहां मौजूद लोगों से जगह के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि वह उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र में हैं। इसके बाद वह अपने स्तर पर वापस लौटे।

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परिवार को भी प्रताड़ित करने का आरोप

जुनैद का आरोप है कि उनके लौटने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी और उनके पिता को कथित तौर पर हिरासत में लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मेरठ पुलिस ने उनकी बहन के ससुराल पक्ष के लोगों को भी हिरासत में लिया। उनकी बहन की शादी मेरठ में हुई है।

पुलिस का पक्ष आना बाकी

फिलहाल जुनैद मलिक के आरोपों पर गाजियाबाद पुलिस या अन्य संबंधित पुलिस इकाइयों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका और पुलिस के जवाब के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Ghaziabad

Published :  28 July 2026, 6:03 PM IST

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