दिहाड़ी से नेटफ्लिक्स तक: जानिए कौन हैं ‘मामला लीगल है’ के SHO Pepsu, जो बने CJP के वायरल फेस

जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान हरियाणा के चरखी दादरी निवासी सुधीर सांगवान ने 200 की दिहाड़ी से लेकर नेटफ्लिक्स के 'SHO पेप्सू' और CJP कोर टीम मेंबर तक का सफर तय किया। जानिए बैंक AVP से OTT और छात्र आंदोलन तक उनके संघर्ष की पूरी कहानी।

Updated : 28 July 2026, 12:31 PM IST
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New Delhi: CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन में जब भीड़ के बीच जगह नहीं मिली, तो एक शख्स कंधे पर भारी-भरकम स्पीकर उठाकर युवाओं की आवाज बुलंद करता दिखा- यह चेहरा कोई और नहीं, बल्कि नेटफ्लिक्स सीरीज 'मामला लीगल है' के SHO पेप्सू यानी हरियाणा के सुधीर सांगवान थे।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के साथ-साथ चरखी दादरी के सुधीर सांगवान चर्चे में रहे। 6 जून के प्रदर्शन में जब भीड़ के कारण साउंड सिस्टम लगाने में दिक्कत आई, तो सुधीर ने खुद मोर्चा संभाला और बड़ा स्पीकर कंधे पर रखकर भीड़ के बीच घूमते रहे। उनके इस अंदाज के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद 20 जून को CJP प्रमुख आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर के मंच से उन्हें संगठन की संस्थापक कोर टीम में शामिल करने का ऐलान किया।

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अन्ना आंदोलन से शुरुआत, अब देशभर में CJP के विस्तार की जिम्मेदारी

सुधीर सांगवान का सामाजिक गतिविधियों से जुड़ाव साल 2011 के अन्ना आंदोलन के समय से ही रहा है। बाद में उन्होंने भिवानी के लोकेश के साथ मिलकर 'स्टैंड विद नेचर' नाम से एनजीओ चलाया। सुप्रीम कोर्ट में 'कॉकरोच' शब्द के चर्चित होने के बाद वे सोशल मीडिया मूवमेंट और CJP के अभियानों से जुड़े। जंतर-मंतर के ऐतिहासिक प्रदर्शन में अग्रिम भूमिका निभाने के बाद 15 जून को जयपुर और फिर 20 जून को दिल्ली के कार्यक्रमों के जरिए वे पार्टी की मुख्य कोर टीम में आए। वर्तमान में वे देशभर में संगठन की टीमें तैयार करने और युवाओं के मुद्दों को उठाने का काम कर रहे हैं।

200 रुपये की दिहाड़ी से बैंक में 1.24 लाख रुपये सैलरी वाले AVP बनने का सफर

चरखी दादरी के छपार गांव के किसान परिवार में जन्मे सुधीर का शुरुआती जीवन कड़े संघर्षों में बीता। आर्थिक तंगी के चलते भिवानी के सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई बीच में ही छूट गई।

शुरुआती संघर्ष: परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए उन्होंने मेडिकल स्टोर पर हेल्पर के रूप में काम शुरू किया, जहां रोजाना 200 रुपये मिलते थे। रात में अतिरिक्त कमाई के लिए वे डीजे बजाते और फोटोग्राफी करते थे।

नौकरी का सफर: साल 2006 में 3,500 रुपये महीने की सैलरी पर ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट बने। इसके बाद विदेशी कार्गो कंपनी में सुपरवाइजर रहे और फिर HDFC बैंक में कैशियर से बैंकिंग करियर की शुरुआत की।

बड़ा मुकाम: 2016 में कोटक महिंद्रा बैंक में ब्रांच मैनेजर और बाद में इक्विटस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) बने, जहां उनकी सैलरी 1.24 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच गई।

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40 लाख रुपये में बेचा एक प्लेटफॉर्म

नौकरी के साथ सुधीर ने बिजनेस में भी कदम रखा। उन्होंने 'MoneyMind.com' और 'LoanWon.com' नाम से लोन सर्विस स्टार्टअप शुरू किए। साल 2019 में लॉन्च किए गए 'MyMistri.com' को उन्होंने करीब 40 लाख रुपये में बेचा। हालांकि, प्रॉपर्टी स्टार्टअप 'तुरंत डील' और कोरोना के समय शुरू की गई 'ZORKA Grocery' में उन्हें घाटा हुआ और ये कारोबार बंद करने पड़े।

मुंबई में 100 ऑडिशन दिए, फिर नेटफ्लिक्स के 'SHO जयवंत पेप्सू' से मिली पहचान

साल 2019 में फिल्म निर्माता राहुल दहिया से मुलाकात के बाद सुधीर ने अभिनय की ओर रुख किया। उन्होंने हरियाणवी वेब सीरीज 'विरोध' से शुरुआत की और फिर 'मायाजाल', 'ब्याह के लड्डू', 'अखाड़ा' व 'स्कैम' जैसी सीरीज में दिखे। 100 से ज्यादा ऑडिशन देने के बाद नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज 'मामला लीगल है' में SHO जयवंत पेप्सू के किरदार से उन्हें देशभर में बड़ी पहचान मिली। इसके अलावा वे अमेजन प्राइम की फिल्म 'राख' और मनोज बाजपेयी के साथ एक विज्ञापन में भी काम कर चुके हैं।

Location :  New Delhi

Published :  28 July 2026, 12:29 PM IST

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