CJP के बाद अब E20 जनता पार्टी की एंट्री: जानें अब क्या है प्रदर्शनकारियों की मांगे और अब किसका चाह रहे हैं इस्तीफा

NEET विवाद के बाद अब E20 जनता पार्टी की एंट्री! पेट्रोल में एथनॉल मिलावट के खिलाफ खोला मोर्चा, नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग। 100% शुद्ध पेट्रोल के विकल्प के लिए 4 अगस्त को संसद मार्च की तैयारी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 July 2026, 10:06 AM IST
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New Delhi: नीट पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आक्रामक विरोध प्रदर्शनों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि देश के सियासी और सामाजिक मंच पर एक और नए संगठन का जन्म हो गया है। नाम है- E20 जनता पार्टी। जिस तरह CJP ने शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ मोर्चा खोलकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की थी, ठीक उसी तर्ज पर अब यह नया संगठन पेट्रोल में एथनॉल मिलावट (E20 नीति) के खिलाफ सीधे सरकार से टकराने के मूड में दिख रहा है।

नितिन गडकरी के इस्तीफे और चॉइस की मांग

इस नए संगठन ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की सीधी मांग कर दी है। हालांकि, संगठन की मुख्य मांग पेट्रोल में एथनॉल को पूरी तरह से बंद करना या कोई सब्सिडी मांगना नहीं है, बल्कि उनकी मांग उपभोक्ता के अधिकार और आजादी से जुड़ी है।

E20 जनता पार्टी चाहती है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर 100% शुद्ध पेट्रोल (बिना एथनॉल वाला) का अलग विकल्प भी मिले और पंपों पर साफ लिखा हो कि कौन सा ईंधन एथनॉल वाला है और कौन सा बिना मिलावट का।

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4 अगस्त को संसद मार्च, ट्रांसपोर्टरों ने थामा हाथ

सोशल मीडिया 'एक्स' पर चंद घंटों में 25,000 से ज्यादा समर्थकों को जोड़ने वाली इस मुहिम को अब जमीन पर भी बड़ा सहारा मिल गया है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने खुलकर E20 नीति का विरोध किया है और 4 अगस्त को संसद मार्च निकालने का बड़ा ऐलान कर दिया है। ट्रांसपोर्टर्स का आरोप है कि एथनॉल वाले पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज तेजी से घटा है, इंजन पर बुरा असर पड़ रहा है और गाड़ियों के रखरखाव (मेंटेनेंस) का खर्च दोगुना हो गया है।

क्या आंकड़े छुपा रही है सरकार?

संगठन ने सरकार से मांग की है कि ईंधन के मिश्रण से हो रहे असली आर्थिक फायदों और नुकसान का डेटा जनता के सामने रखा जाए। साथ ही, माइलेज, इंजन लाइफ और प्रदूषण पर E20 पेट्रोल के असर की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।

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बाजार का गणित और सरकार का रुख

वर्तमान स्थिति की बात करें तो देश में 100-ऑक्टेन वाला शुद्ध प्रीमियम पेट्रोल उपलबध तो है, लेकिन उसकी कीमत लगभग 169 रुपये प्रति लीटर है, जो आम आदमी की जेब की पहुंच से बाहर है। जबकि E20 पेट्रोल दिल्ली में 102.12 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। दूसरी ओर, पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने हाल ही में संसद में बयान दिया था कि सरकार को E20 पेट्रोल से गाड़ियों के खराब होने या माइलेज घटने से जुड़ी कोई बड़ी या आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।

Location :  New Delhi

Published :  27 July 2026, 10:06 AM IST

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