Bike Taxi पर गडकरी का बड़ा ऐलान, राज्यों से मंजूरी देने की अपील, 8 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यों से बाइक टैक्सी सेवाओं को अनुमति देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे करीब 8 करोड़ लोगों को रोजगार मिल सकता है। इसके साथ ही मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव कर ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लाने की बात कही। तय सीमा पार होने पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 3 September 2026, 5:25 AM IST
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New Delhi: देश में रोजगार और सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दो बड़े मुद्दों पर अहम बातें कहीं। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से बाइक टैक्सी सेवाओं को मंजूरी देने की अपील की। गडकरी का कहना है कि अगर राज्यों की ओर से अनुमति मिलती है तो बाइक टैक्सी के जरिए करीब 8 करोड़ लोगों को रोजगार मिल सकता है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों पर शिकंजा कसने के लिए नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लाने की भी बात कही।

बाइक टैक्सी को मंजूरी देने की अपील

गडकरी ने 'सुरक्षा' नाम के पायलट कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान बाइक टैक्सी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने निजी दोपहिया वाहनों यानी स्कूटर और मोटरसाइकिल को यात्री परिवहन के लिए अनुमति दे दी है। हालांकि कुछ राज्यों में अभी बाइक टैक्सी को मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि परिवहन राज्य का विषय है और इसलिए राज्य सरकारों को अपने स्तर पर बाइक टैक्सी सेवाओं को अनुमति देनी चाहिए। गडकरी के मुताबिक इससे खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

ट्रैफिक नियम तोड़ा तो कटेंगे नेगेटिव पॉइंट

गडकरी ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव बताया। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन कर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लाया जाएगा। यानी चालक जितनी बार नियम तोड़ेगा, उसके रिकॉर्ड में उतने ही पॉइंट जुड़ते जाएंगे। अगर कोई चालक एक तय सीमा से ज्यादा उल्लंघन करता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी किया जा सकता है। इस व्यवस्था का खास फोकस बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले यानी हैबिचुअल ऑफेंडर्स पर रहेगा।

ड्राइवरों की सेहत पर भी जोर

गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहन चलाने वाले ड्राइवरों का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। आंखों से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ काम की प्रकृति के कारण होने वाली दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से 'सुरक्षा' पायलट कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत हाईवे निर्माण और खदानों में काम करने वाले ड्राइवरों और हाई-रिस्क वर्कर्स की मौके पर मुफ्त मेडिकल जांच और काउंसलिंग की जाएगी।

150 किलोमीटर क्षेत्र में चलेगा पायलट प्रोजेक्ट

यह कार्यक्रम महाराष्ट्र के नागपुर-काम्पटी क्षेत्र में NH-44 और चंद्रपुर की माइनिंग बेल्ट में करीब 150 किलोमीटर के दायरे में लागू किया जाएगा। इसके तहत करीब 10 हजार लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की बड़ी संख्या का जिक्र करते हुए कहा कि नेगेटिव पॉइंट सिस्टम से चालकों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी। एक तरफ बाइक टैक्सी को रोजगार का जरिया बनाने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ नियम तोड़ने वालों पर सख्ती की तैयारी। ऐसे में सरकार का फोकस सड़क सुरक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी दिखाई दे रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  3 September 2026, 5:25 AM IST

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