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मुंबई के कयानी कैफे का लाइसेंस रद्द (Img- X)
Mumbai: दक्षिण मुंबई के मरीन लाइंस स्थित जिस 122 साल पुराने कयानी एंड कंपनी कैफे की बन-मस्का और चाय का स्वाद चखने के लिए रोजाना सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ती थी, उसी ऐतिहासिक ईरानी कैफे पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने भारी गाज गिराई है।
त्योहारी सीजन के दौरान चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे के सीधे नेतृत्व में कैफे में छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए, जिसके बाद कैफे का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
27 सितंबर को हुई इस अचानक रेड में पाया गया कि जिस जगह ग्राहकों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था, वह गंभीर बीमारियों का गढ़ बना हुआ था। कुकिंग और स्टोरेज एरिया में चारों तरफ चूहों की बीट (मल), जिंदा मक्खियां और मरे हुए तिलचट्टे (कॉकरोच) बिखरे पड़े थे।
यही नहीं, खाने की टेबल और किचन के आसपास बिल्लियां घूम रही थीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि एक रेफ्रिजरेटर के भीतर भारी मात्रा में खून जमा किया हुआ मिला, जिसे देखकर जांच टीम दंग रह गई।
जांच अधिकारी तब और चौंक गए जब उन्होंने देखा कि जिस जगह खाना प्रोसेस हो रहा था, वहां सीवेज का एक खुला मैनहोल मौजूद था। कैफे प्रशासन ने खाने-पीने की चीजों को सीधे जमीन पर रखा हुआ था।
इतना ही नहीं, रोटियां बनाने के लिए गुंथे हुए कच्चे आटे को छपे हुए अखबारों से ढका गया था। बता दें कि एफडीए ने जहरीली स्याही के खतरे को देखते हुए अखबारों में खाना रखने या ढंकने पर हाल ही में सख्त पाबंदी लगाई थी। कच्चे और तैयार भोजन को एक साथ बिना किसी स्वच्छता मानक के रखा गया था।
सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने पर एफडीए ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) के तहत कयानी कैफे का लाइसेंस रद्द कर दिया। राज्य में चलाए जा रहे 'सेफ फ़ूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत 23 से 27 सितंबर के बीच 30 होटलों और रेस्टोरेंट के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किए जा चुके हैं। इस दौरान विभाग ने पूरे राज्य से लगभग 1.19 करोड़ रुपये मूल्य का 50,000 किलोग्राम से अधिक मिलावटी व असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त किया है।
Location : Mumbai
Published : 29 September 2026, 1:11 PM IST