Maharashtra Farmers Protest: दो दिन से बंद पुणे-बेंगलुरु हाईवे, अब मुंबई-पुणे में दूध-सब्जी सप्लाई रोकने की चेतावनी

महाराष्ट्र में गन्ना किसानों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर यातायात प्रभावित है। किसानों ने 4,500 रुपये प्रति टन भुगतान की मांग पूरी नहीं होने पर मुंबई और पुणे में दूध-सब्जी सप्लाई रोकने की चेतावनी दी है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 November 2026, 9:37 AM IST
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Mumbai: महाराष्ट्र में गन्ना किसानों का आंदोलन अब बड़ा रूप लेता दिखाई दे रहा है। पुणे-बेंगलुरु नेशनल हाईवे पर कोल्हापुर के किनी टोल नाका के पास किसानों का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी है। पूर्व सांसद और स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के संस्थापक राजू शेट्टी के नेतृत्व में हजारों किसान सड़क पर डटे हुए हैं।

प्रदर्शन के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित है और कई जगहों पर वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है। अब किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर मुंबई और पुणे में दूध तथा सब्जियों की सप्लाई रोकने की चेतावनी दी है।

गन्ने के लिए 4,500 रुपये प्रति टन की मांग

प्रदर्शनकारी किसानों की प्रमुख मांग है कि मौजूदा पेराई सीजन में चीनी मिलों को भेजे गए गन्ने के लिए उन्हें पहली किस्त के रूप में कम से कम 4,500 रुपये प्रति टन का भुगतान किया जाए। किसानों का कहना है कि उन्हें उचित भुगतान मिलना चाहिए।

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राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कई किसान रातभर हाईवे पर ही रुके हुए हैं।

मुंबई और पुणे में सप्लाई रोकने की चेतावनी

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि गतिरोध खत्म नहीं हुआ, तो मुंबई और पुणे में दूध और सब्जियों की आपूर्ति रोककर विरोध दर्ज कराया जा सकता है। इस चेतावनी से आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, फिलहाल सप्लाई रोकने का ऐलान चेतावनी के रूप में किया गया है।

किसानों का प्रदर्शन (Img- X)

कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, ट्रक फंसे

हाईवे पुलिस के मुताबिक, कराड से कागल के बीच कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। प्रदर्शन स्थल के दोनों ओर ट्रक फंसे हुए हैं। कराड और पुणे की तरफ पेठ नाका, जबकि कोल्हापुर की ओर सांगली फाटा, तोप, वाथर, कागल और उचगांव फाटा के पास वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे परेशानी से बचने के लिए डायवर्जन का पालन करें।

मिलों के प्रस्ताव और केंद्रीय टीम की बैठक पर नजर

सूत्रों के मुताबिक, कोल्हापुर के जिला कलेक्टर विजय राठौड़ इस मामले में हस्तक्षेप कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने मिल मालिकों से प्रस्ताव मांगा है। इसमें पहली किस्त के रूप में 3,800 से 3,900 रुपये प्रति टन और पेराई सीजन समाप्त होने के बाद 150 से 200 रुपये प्रति टन अतिरिक्त भुगतान की संभावना बताई गई है।

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वहीं, विशेषज्ञ रमेश चंद के नेतृत्व वाली केंद्रीय टीम आज पुणे में शुगर कमिश्नर कार्यालय में महाराष्ट्र के विभिन्न पक्षों के साथ चर्चा करेगी। यह पैनल चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 रुपये प्रति किलो और इथेनॉल की खरीद कीमत 70 रुपये प्रति किलो करने की उद्योग जगत की मांग पर विचार करेगा। अब किसानों और सरकार के बीच बातचीत से आंदोलन खत्म होने की उम्मीद पर नजर है।

Location :  Mumbai

Published :  5 November 2026, 9:37 AM IST

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