मोबाइल वॉलपेपर पर देवी-देवताओं की तस्वीर लगाना कितना सही, जानिए चौंकाने वाला वास्तु रहस्य

क्या फोन वॉलपेपर सिर्फ स्क्रीन सजाता है या आपकी सोच, मूड और ऊर्जा को भी बदल सकता है? वास्तु और मनोविज्ञान के अनुसार हम जो बार-बार देखते हैं उसका असर हमारे जीवन पर पड़ता है। जानिए देवी-देवताओं की तस्वीर लगाने को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ।

Updated : 7 June 2026, 3:42 PM IST
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New Delhi: स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह आंख खुलते ही स्क्रीन की रोशनी से दिन शुरू होता है और रात भी इसी के साथ खत्म होती है। ऐसे में दिनभर में अनगिनत बार हमारी नजर फोन के वॉलपेपर पर पड़ती है। यही वजह है कि यह सवाल उठने लगा है कि क्या वॉलपेपर सिर्फ स्क्रीन सजाने का साधन है या यह हमारे मूड, सोच और ऊर्जा को भी प्रभावित करता है?

जो दिखता है, वही असर डालता है

वास्तु विशेषज्ञ के अनुसार, हम जो चीजें बार-बार देखते हैं, उनका हमारे मन और भावनाओं पर सीधा असर पड़ता है। चाहे हम इसे मानें या न मानें, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से यह सच है कि दृश्य और रंग हमारे मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं।

फोन वॉलपेपर दिन में सैकड़ों बार देखा जाता है, इसलिए यह हमारे मानसिक स्पेस का हिस्सा बन जाता है। चमकदार और शांत तस्वीरें मन को सुकून देती हैं, जबकि अस्त-व्यस्त या नकारात्मक दृश्य कई बार अनजाने में बेचैनी और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकते हैं।

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सकारात्मक तस्वीरें देती हैं मानसिक शांति

हरियाली, उगता सूरज, नीला आसमान और ऊंचे पहाड़ जैसे दृश्य सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं। इन्हें देखने से आंखों को आराम मिलता है और दिमाग को शांति महसूस होती है।

इसी तरह प्रेरणादायक विचार या जीवन के लक्ष्य वाले वॉलपेपर भी व्यक्ति को फोकस्ड रखने में मदद करते हैं। हर बार फोन देखने पर ये हमें हमारे उद्देश्य की याद दिलाते हैं। वहीं कई लोग अपने परिवार की तस्वीरें भी वॉलपेपर पर लगाते हैं, जिससे भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है और तनाव के समय भी मानसिक सहारा मिलता है।

क्या फोन पर लगानी चाहिए पूजनीय तस्वीर?

यह सवाल आस्था और आधुनिक जीवनशैली के बीच एक बहस का विषय बन चुका है। कई लोग देवी-देवताओं की तस्वीरें या पूजनीय चित्र अपने फोन वॉलपेपर पर लगाते हैं, जिससे उन्हें दिनभर ईश्वर की उपस्थिति और आशीर्वाद का एहसास होता है।

हालांकि इसका दूसरा पहलू भी है। फोन एक ऐसा उपकरण है जिसे हम हर जगह इस्तेमाल करते हैं- कभी बिना हाथ धोए, कभी बेड पर, तो कभी वॉशरूम तक ले जाते हैं। ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि इतनी अनौपचारिक उपयोग वाली चीज पर पूजनीय तस्वीर रखना सम्मान की भावना के अनुरूप नहीं है।

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क्या सही है और क्या गलत?

इस विषय में कोई एक निश्चित नियम नहीं है। यह पूरी तरह व्यक्ति की आस्था और उसके व्यवहार पर निर्भर करता है। महत्वपूर्ण यह है कि आप उस तस्वीर और भावना के प्रति कितना सम्मान रखते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कोई भी वॉलपेपर सीधे किस्मत नहीं बदल सकता, लेकिन यह आपके सोचने और महसूस करने के तरीके को प्रभावित जरूर कर सकता है। सकारात्मक सोच से व्यक्ति के फैसले और काम करने की क्षमता में सुधार आता है।

मूलांक के अनुसार वॉलपेपर चुनने की सलाह

ज्योतिष और अंकशास्त्र के अनुसार जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर मूलांक निकाला जाता है, जो 1 से 9 तक होता है।

मूलांक 1: उगता सूर्य
मूलांक 2: जल या चंद्रमा से जुड़े चित्र
मूलांक 3: पीली प्राकृतिक चीजें या गुरु से जुड़े चित्र
मूलांक 4: सकारात्मक कथन (वर्तमान काल में)
मूलांक 5: उगता पौधा
मूलांक 6: गुलाबी फूल, धन या चमकदार वस्तुएं
मूलांक 7: गुरु, लक्ष्य या परिवार फोटो
मूलांक 8: नीले फूल, क्रिस्टल या काम से जुड़ी चीजें
मूलांक 9: लाल फूल, क्रिस्टल या पहाड़

Location :  New Delhi

Published :  7 June 2026, 3:42 PM IST

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