Gorakhpur: व्यावसायिक शिक्षा के साथ-साथ अध्यात्म का समावेश जरूरी
शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। जब शिक्षा में आधुनिक ज्ञान के साथ सांस्कृतिक, नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश होता है, तभी छात्र-छात्राओं का वास्तविक निखार संभव हो पाता है।