हिंदी
प्रतीकात्मक छवि (Img: AI)
New Delhi: घर का मुख्य द्वार सिर्फ ईंट और कंक्रीट का ढांचा नहीं होता, बल्कि यह वो चुंबकीय द्वार है जिससे होकर सुख-समृद्धि या फिर परेशानियां आपके जीवन में प्रवेश करती हैं। वास्तु शास्त्र में हर दिशा की ऊर्जा को बेहद बारीकी से परिभाषित किया गया है।
जानी-मानी इंटीरियर वास्तु प्लानर और कंसलटेंट रानी टिबड़ेवाल के अनुसार, हमारे घरों के मुख्य द्वार की स्थिति यानी प्रवेश ऊर्जाएं हमारे स्वास्थ्य, करियर और खुशहाली को सीधे प्रभावित करती हैं। वास्तु विज्ञान के रहस्यों में तीन खास प्रवेश द्वार (एंट्री) का जिक्र आता है अनिल, पुष्पा और विताथ। ये एंट्रियां कैसे आपके जीवन को बना या बिगाड़ सकती हैं, यह जानना बेहद जरूरी है।
वास्तु के रहस्यों में अनिल एंट्री को काफी संवेदनशील और खतरनाक माना गया है। यह प्रवेश द्वार पश्चिम-दक्षिण (West-South) दिशा से संबंधित होता है और सीधे तौर पर वायु तत्व से जुड़ा है। यदि किसी घर का मुख्य द्वार इस क्षेत्र में खुलता है, तो यह परिवार के छोटे बेटों के जीवन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
इससे उनके स्वास्थ्य, शिक्षा या करियर में अचानक रुकावटें आने लगती हैं। इस अनचाहे दोष और नकारात्मक ऊर्जा को काटने के लिए इस द्वार पर 'हनुमान यंत्र' की स्थापना करना सबसे अचूक और शक्तिशाली उपाय माना जाता है।
इसके विपरीत, कुछ एंट्रियां ऐसी भी होती हैं जो खुलते ही आपके घर को खुशियों से भर देती हैं। ऐसी ही एक शुभ ऊर्जा है पुष्पा एंट्री। वास्तु के अनुसार, यह द्वार नौकरी में मनचाही वृद्धि, व्यापार में नए अवसर और धन के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करता है।
इसकी शुभता को और बढ़ाने के लिए यहां बगलामुखी यंत्र स्थापित किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, विताथ एंट्री सीधे तौर पर अपार सफलता और मान-सम्मान खींचकर लाती है। यह ऊर्जा घर के सदस्यों को लालची और मतलबी स्वभाव वाले लोगों के बुरे इरादों से बचाकर रखती है। इस प्रवेश द्वार की शक्ति को मजबूत करने के लिए कृष्ण यंत्र की स्थापना सबसे उत्तम मानी जाती है।
Location : New Delhi
Published : 17 July 2026, 3:33 PM IST
Topics : Home Vastu Vastu Remedies Vastu Shastra Vastu Tips