पानी का सहारा या जमीन का खेल? देवघर के हलीमा बांध पर बढ़ा विवाद, प्रशासन सख्त, जानें पूरा मामला

देवघर के हलीमा बांध में मिट्टी भराई के आरोपों के बाद विवाद बढ़ गया है। प्रशासन ने जांच के बाद काम पर रोक लगा दी है, लेकिन मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 7 April 2026, 8:22 PM IST
google-preferred

Deoghar: शहर के बीचों-बीच मौजूद एक अहम जलस्रोत के साथ छेड़छाड़ ने ऐसा रूप ले लिया है, मानो किसी बड़े “जल अपराध” की कहानी सामने आ रही हो। देवघर के बिलासी टाउन स्थित हलीमा बांध इन दिनों विवादों के घेरे में है, जहां मिट्टी भराई के आरोपों ने माहौल को गरमा दिया है। जैसे ही स्थानीय लोगों को इसकी भनक लगी, विरोध शुरू हो गया और देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया।

हलीमा बांध पर उठा विवाद

हलीमा बांध वर्षों से इलाके के लोगों के लिए जीवनरेखा बना हुआ है। लेकिन हाल ही में यहां मिट्टी भराई का काम शुरू होने की खबर ने लोगों को आक्रोशित कर दिया। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक पोखर नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की जरूरतों का आधार है, जिसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ गंभीर परिणाम ला सकती है।

25 हजार घरों का सहारा

जानकारी के मुताबिक, यह जलस्रोत करीब 25 हजार घरों को पानी उपलब्ध कराता है। समाजसेवी बाबा बलियासे का कहना है कि हलीमा बांध इलाके के जलस्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अगर इसे नुकसान पहुंचता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा।

‘आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी’…ट्रंप की इस खौफनाक चेतावनी से पूरी दुनिया में खलबली

प्रशासन का सख्त रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त रोहित सिन्हा और महापौर रवि राउत टीम के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मिट्टी भराई की पुष्टि हुई, जिसके बाद नगर आयुक्त ने तुरंत काम पर रोक लगाने का आदेश दे दिया। साथ ही संबंधित पक्षों को कड़ी चेतावनी दी गई कि जलस्रोत के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

देवघर के नवनिर्वाचित मेयर रवि राउत का एक्शन: कूड़े के ढेर को देख भड़के रवि राउत, लापरवाह अधिकारियों की थमी सांसें

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

इस मामले में शिकायतकर्ता सुरेश कुमार ने कहा कि भले ही यह निजी जमीन हो, लेकिन इससे बड़ी आबादी की जरूरतें जुड़ी हैं, इसलिए इसे सुरक्षित रखना जरूरी है। वहीं कन्हैया झा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि काम केवल चिन्हित जमीन तक ही सीमित है और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ है।

समाधान की तलाश जारी

महापौर रवि राउत ने स्पष्ट किया कि जनहित सबसे ऊपर है और नगर निगम इस जलस्रोत को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। फिलहाल मिट्टी भराई का काम रोक दिया गया है, लेकिन विवाद अभी भी थमता नजर नहीं आ रहा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

Location :  Deoghar

Published :  7 April 2026, 8:22 PM IST

Advertisement