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सिविल सर्जन रमेश कुमार
Deoghar: विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर जहां पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की बात हो रही थी, वहीं देवघर सदर अस्पताल में एक ऐसा नजारा सामने आया जिसने सिस्टम की परतें खोल दीं। अस्पताल परिसर में हालात कुछ ऐसे थे मानो कोई अंदर “दिखावे का जश्न” मना रहा हो और बाहर “हक की लड़ाई” चल रही हो। इसी विरोधाभास ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया।
अस्पताल के सभागार में विश्व स्वास्थ्य दिवस को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहां सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने पर विस्तार से भाषण दे रहे थे। अंदर सुधार और योजनाओं की बातें हो रही थीं, लेकिन ठीक बाहर कर्मचारी अपने वेतन को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। यह स्थिति खुद ही स्वास्थ्य व्यवस्था की असल तस्वीर बयां कर रही थी।
अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाले सफाई कर्मी, वार्ड बॉय, इलेक्ट्रिशियन और एएनएम पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बिना सैलरी के घर चलाना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन चुका है। उनका आरोप है कि जो लोग अस्पताल की व्यवस्था को दिन-रात संभालते हैं, उन्हीं को उनका हक समय पर नहीं दिया जा रहा।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद जैसे ही सिविल सर्जन बाहर निकले, नाराज कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया। अचानक हुए इस घेराव से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और जल्द समाधान की मांग की।
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स्थिति को संभालते हुए सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कर्मचारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जल्द हल करने का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी शांत हुए, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी सच्चाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Location : Deoghar
Published : 7 April 2026, 7:46 PM IST
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