धनबाद से इनोवेशन की नई उड़ान: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बोले- देश का टेक्नोलॉजी फ्यूचर उज्ज्वल

IIT (ISM) धनबाद में ‘इन्वेनटिव 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन भारत की रिसर्च और इनोवेशन को ग्लोबल मंच तक पहुंचाने, इंडस्ट्री-एकेडेमिया पार्टनरशिप मजबूत करने और मार्केट-रेडी टेक्नोलॉजी विकसित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 6 April 2026, 10:49 AM IST
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Dhanbad : धनबाद से इस वक्त एक ऐसी तस्वीर सामने आई है। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत के टेक्नोलॉजी-ड्रिवन भविष्य की झलक मानी जा रही है। IIT (ISM) धनबाद में ‘इन्वेनटिव 2026’ का भव्य आगाज हुआ और इसके साथ ही देश की लैब्स, रिसर्च सेंटर्स और युवा दिमागों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की बड़ी कवायद शुरू हो गई। यह आयोजन साफ संदेश दे रहा है कि अब भारत सिर्फ रिसर्च पेपर तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अपने इनोवेशन्स को दुनिया के सामने प्रोडक्ट, सॉल्यूशन और टेक्नोलॉजी के रूप में उतारने की तैयारी में है।

भारत की रिसर्च को मिलेगा बड़ा मंच

धनबाद स्थित IIT (ISM) Dhanbad में शुरू हुआ ‘इन्वेनटिव 2026’ भारत की इनोवेशन्स को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह आयोजन देश में विकसित हो रही रिसर्च को स्केलेबल और मार्केट-रेडी टेक्नोलॉजी में बदलने की सोच को मजबूत करता है। संस्थान लंबे समय से इंडस्ट्री-एकेडेमिया कनेक्ट और इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ाने पर काम कर रहा है।

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आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को नई ताकत

इस आयोजन को आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे राष्ट्रीय विज़न से जोड़कर देखा जा रहा है। मंच का मकसद सिर्फ आइडिया दिखाना नहीं, बल्कि उन्हें कैपिटल, इंडस्ट्री सपोर्ट और इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ना भी है। यानी अब फोकस सिर्फ रिसर्च करने पर नहीं, बल्कि रिसर्च को असली असर और बिजनेस वैल्यू में बदलने पर है। यही वजह है कि इस कार्यक्रम को भारत के डीप-टेक फ्यूचर की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

राज्यपाल ने कहा- रिसर्च को समाज और उद्योग से जोड़ना होगा

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सिर्फ पढ़ाई और प्रयोगशाला पर्याप्त नहीं, बल्कि रिसर्च को समाज, उद्योग और एंटरप्राइज से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवा और शैक्षणिक संस्थान इस सपने को हकीकत में बदलने की ताकत रखते हैं।

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इंडस्ट्री, एनर्जी, हेल्थ और टेक्नोलॉजी पर रहा खास फोकस

कार्यक्रम में क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, सेमीकंडक्टर, मटेरियल साइंस और अर्थ साइंसेज जैसे अहम क्षेत्रों पर चर्चा हुई। मंच पर मौजूद इंडस्ट्री और पॉलिसी लीडर्स ने साफ कहा कि आने वाला दौर उन्हीं देशों का होगा, जो टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में आगे रहेंगे। इसी दौरान रिसर्च, टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, फंडिंग और एकेडेमिया-इंडस्ट्री पार्टनरशिप्स को लेकर हाई-लेवल चर्चा भी हुई।

दो बड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बढ़ाई अहमियत

इस मौके पर दो अहम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। एक सेंटर क्लीन एनर्जी, कोल-टू-ग्रीन ट्रांजिशन और सस्टेनेबल लिवलीहुड्स पर केंद्रित है, जबकि दूसरा क्रिटिकल मिनरल्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और रिसर्च इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है।

Location :  Dhanbad

Published :  6 April 2026, 10:49 AM IST

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