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भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर पर आबकारी विभाग और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है। थाईलैंड से लाया गया हाइड्रोपोनिक गांजा दिल्ली ले जाते समय एक तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा और दो पासपोर्ट बरामद। पढ़ें पूरी खबर
अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का भंडाफोड़
महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ी कार्रवाई में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की एफ कंपनी सोनौली और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थ तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। 17 फरवरी को की गई इस कार्रवाई में दिल्ली निवासी एक तस्कर को 17 किलो 590 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा (हाई क्वालिटी वीड) के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गांजा थाईलैंड से हवाई मार्ग द्वारा काठमांडू लाया गया था, जिसे बाद में भारत के रास्ते दिल्ली पहुंचाने की साजिश थी। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा बताया जा रहा है।
तस्कर की पहचान और खुलासे
गिरफ्तार आरोपी की पहचान वाहिद हुसैन (42 वर्ष) पुत्र जमीर हुसैन, निवासी दरियागंज, दिल्ली के रूप में हुई है। तीन बैगों में छिपाकर रखे गए गांजे को वह सीमा पार ले जाने की फिराक में था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसे हर खेप के बदले नकद रुपये, होटल में ठहराव और फ्लाइट टिकट उपलब्ध कराए जाते थे।
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संयुक्त अभियान की बड़ी सफलता
इस ऑपरेशन को एसएसबी एफ कंपनी सोनौली और आबकारी विभाग की मुस्तैद टीम ने अंजाम दिया। अधिकारियों की सतर्क निगरानी और त्वरित कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस रैकेट को करारा झटका लगा है।
कानूनी कार्रवाई तेज
बरामद मादक पदार्थों के साथ आरोपी को आगे की जांच के लिए सेन्ट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन), बाराबंकी को सुपुर्द कर दिया गया है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुट गई है।
सीमा पर बढ़ी सख्ती
अधिकारियों के अनुसार सोनौली बॉर्डर ड्रग तस्करों का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा था, लेकिन लगातार कार्रवाई से अब उनके मंसूबों पर पानी फिर रहा है। आने वाले दिनों में निगरानी और सख्त की जाएगी।