हिंदी
मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात के दौरान ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ का उद्घाटन हुआ। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने मार्सिले यात्रा को याद करते हुए वीर सावरकर का उल्लेख किया और उनकी वीरता का जिक्र किया।
मुलाकात में सावरकर का जिक्र (Image Source: Google)
Mumbai: नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों के बीच मुंबई में हुई मुलाकात में भारत-फ्रांस संबंधों को नई गति देने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026' का उद्घाटन किया और दशकों पुराने रिश्तों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के उच्च स्तर तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस पहल के तहत दोनों देशों के कई शहरों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य नवाचार आधारित सहयोग को बढ़ाना है।
कार्यक्रम में जारी वीडियो संदेश के अनुसार, यह पहल रणनीतिक तालमेल और साझा समृद्धि को बढ़ावा देगी। स्टार्टअप, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को एक साझा मंच पर लाकर औद्योगिक सहयोग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ाने की योजना है।
यूपी में फिर आईएएस अधिकारियों के तबादले, प्रतीक्षारत अफसर को भी नियुक्ति, देखें सूची
दोनों देशों ने लोगों के बीच संपर्क, उच्च शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। इससे रक्षा, अंतरिक्ष और डिजिटल इनोवेशन में भी सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई गई।
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पिछली फ्रांस यात्रा को याद करते हुए मार्सिले का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने इसी बंदरगाह से यूरोप में प्रवेश किया था।
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 6 पीसीएस अफसरों के तबादले, यहां जानें पूरी लीस्ट
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि मार्सिले वही स्थान है जहां सावरकर ने अंग्रेजों से बचने के लिए समुद्र में छलांग लगाई थी, जो उनके अदम्य साहस और स्वतंत्रता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने अपनी पिछली यात्रा के दौरान वहां श्रद्धांजलि देने की बात भी याद की।
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इनोवेशन ईयर के जरिए औद्योगिक सहयोग, निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी को नई दिशा मिलेगी। मुंबई को भारत के प्रवेश द्वार के रूप में बताते हुए पीएम मोदी ने मैक्रों के स्वागत को विशेष बताया। इस पहल से भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे तथा वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की साझेदारी को नया आयाम मिलेगा।