मोदी-मैक्रों बैठक में 20 बड़े समझौते: रक्षा साझेदारी को नई ताकत, पढ़ें पूरी खबर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बैठक में भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया। दोनों देशों ने भारत में माउंट एवरेस्ट ऊंचाई तक उड़ान भरने वाले H-125 हेलीकॉप्टर के निर्माण, हैमर मिसाइल उत्पादन समेत 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 18 February 2026, 3:38 AM IST
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Mumbai: नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों की मुंबई में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया। दोनों नेताओं ने रक्षा, एयरोस्पेस, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सहयोग और उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का सहयोग वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता की मजबूत धुरी बनकर उभरा है और दोनों देश विश्वसनीय प्रौद्योगिकी के विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत में बनेगा एवरेस्ट ऊंचाई वालाc

बैठक की सबसे बड़ी घोषणा भारत में Airbus के H-125 हेलीकॉप्टर के निर्माण से जुड़ी रही। कर्नाटक में टाटा समूह और एयरबस के संयुक्त उद्यम की असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया गया, जहां यह हेलीकॉप्टर बनाया जाएगा।

यह हेलीकॉप्टर माउंट एवरेस्ट जैसी अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम होगा और दुनिया का ऐसा पहला हेलीकॉप्टर होगा जो भारत में बनकर वैश्विक बाजार में निर्यात किया जाएगा। इसकी मदद से हिमालयी क्षेत्र में निगरानी, रसद आपूर्ति और सुरक्षा अभियानों को मजबूती मिलेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार इस परियोजना में करीब 1000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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हैमर मिसाइल समेत 20 समझौते

भारत और फ्रांस के बीच कुल 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें भारतीय कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांसीसी कंपनी Safran के बीच भारत में हैमर मिसाइल के निर्माण का समझौता भी शामिल है।

इसके अलावा दुर्लभ प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, रक्षा अनुसंधान, संवेदनशील तकनीक के आदान-प्रदान और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति बनी। स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन’ पहल भी शुरू की गई।

हिमालय से इंडो-पैसिफिक तक सहयोग

नई परियोजनाओं को भारत को उच्च प्रौद्योगिकी निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। हिमालयी सीमाओं पर निगरानी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी “समुद्र से भी गहरी और पहाड़ों से भी ऊंची” है। विशेषज्ञों के अनुसार इन समझौतों से रक्षा उद्योग, तकनीकी नवाचार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत होगी।

Location : 
  • Mumbai

Published : 
  • 18 February 2026, 3:38 AM IST

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