AI Summit 2026: कूटनीति का सुपर बुधवार; आज PM मोदी की मैराथन मीटिंग्स, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुधवार का दिन कूटनीतिक रूप से बेहद अहम रहने वाला है। वे स्पेन, फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, भूटान और कजाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 18 February 2026, 5:54 AM IST
google-preferred

New Delhi: राजधानी के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को वैश्विक कूटनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। यह पहली बार है जब इस स्तर का AI समिट ग्लोबल साउथ में हो रहा है और इसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख शामिल हो रहे हैं। समिट का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग, वैश्विक सहयोग और तकनीकी निवेश पर है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी भारत को इस समिट की मेजबानी के लिए उपयुक्त देश बताते हुए इसकी उभरती वैश्विक भूमिका की सराहना की है। यही वजह है कि समिट केवल तकनीकी आयोजन नहीं, बल्कि बड़े कूटनीतिक संवाद का मंच बन गया है।

एक दिन में सात देशों से द्विपक्षीय वार्ता

प्रधानमंत्री मोदी का बुधवार का कार्यक्रम किसी कूटनीतिक मैराथन से कम नहीं है। तय कार्यक्रम के मुताबिक वे स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़, फिनलैंड के प्रधानमंत्री एंटी पेटेरी ऑर्पो, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस, भूटान के प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग टोबगे और कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव से अलग-अलग मुलाकात करेंगे।

सुपर-8 में भारत की बड़ी टक्कर: साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से मुकाबला, जानें पूरा शेड्यूल

हैदराबाद हाउस में सुबह से शाम तक लगातार होने वाली इन बैठकों को भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कम समय में इतने देशों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भारत की मल्टी-अलाइनमेंट रणनीति और टेक्नोलॉजी कूटनीति को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

फ्रांस और ब्राजील की मौजूदगी से बढ़ा महत्व

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहले से भारत दौरे पर हैं और वे AI समिट के साथ-साथ भारत-फ्रांस रणनीतिक सहयोग, तकनीक और रक्षा साझेदारी पर बातचीत कर चुके हैं। वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के भी समिट से जुड़ने की चर्चा ने इस आयोजन का वैश्विक महत्व और बढ़ा दिया है।

मोदी-मैक्रों बैठक में 20 बड़े समझौते: रक्षा साझेदारी को नई ताकत, पढ़ें पूरी खबर

इन बैठकों में AI गवर्नेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप सहयोग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे मुद्दों पर ठोस बातचीत हो सकती है।

भारत इस मंच के जरिए न केवल तकनीकी नेतृत्व दिखा रहा है, बल्कि वैश्विक दक्षिण की आवाज को भी सामने ला रहा है। लगातार हो रही उच्चस्तरीय मुलाकातें यह संकेत देती हैं कि आने वाले समय में AI कूटनीति भारत की विदेश नीति का प्रमुख स्तंभ बनने जा रही है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 18 February 2026, 5:54 AM IST

Advertisement
Advertisement