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नेपाल में आगामी संसदीय चुनाव को देखते हुए भारत–नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इंडो-नेपाल क्रॉस बॉर्डर ज्वाइंट सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी की अहम ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें तस्करी रोकने, संयुक्त गश्त बढ़ाने और सीमा सील करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बॉर्डर सील पर बनी सहमति
महाराजगंज: इंडो-नेपाल सीमा पर कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारतीय जनपद महराजगंज जिला, सिद्धार्थनगर जिला, बलरामपुर जिला और पश्चिमी चंपारण जिला के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नेपाल के रूपनदेही जिला, कपिलवस्तु जिला और नवलपरासी जिला के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
क्या है पूरी खबर?
जानकारी के मुताबिक, बैठक का मुख्य उद्देश्य नेपाल में होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराना था। इस दौरान सीमा पर निगरानी बढ़ाने, कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीमाद्योतक चिन्हों के संरक्षण, नोमेंस लैंड के सुंदरीकरण तथा मानव तस्करी, नशीली दवाओं, शराब, खाद और अन्य वस्तुओं की अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
72 घंटे पूर्व अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील करने की बात
जिलाधिकारी महराजगंज संतोष कुमार शर्मा ने नेपाली प्रशासन के उस अनुरोध पर सहमति जताई, जिसमें चुनाव से 72 घंटे पूर्व अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील करने की बात कही गई थी। उन्होंने शासन के निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत की ओर से चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
अपराधियों की सूची पर त्वरित कार्रवाई की मांग
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना ने सीमापारीय अपराधों पर चिंता जताते हुए साझा वांछित अपराधियों की सूची पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। साथ ही संयुक्त पेट्रोलिंग बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर जोर दिया।
आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त
दोनों देशों के अधिकारियों ने अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाने, सीमा पर सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ाने और आपात परिस्थितियों-विशेषकर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं-से निपटने के लिए सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की।