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आक्रोशित मृतक के परिजनों ने जेई को घेरा (IMG: Dynamite News)
Maharajganj: सिसवा नगर में निर्माणाधीन अमृत सरोवर में तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद शुरू हुई जांच गुरुवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब मृतक बच्चों के परिजनों का गुस्सा मौके पर मौजूद अधिकारियों के सामने फूट पड़ा। परिजनों ने नगर पालिका के जूनियर इंजीनियर (JE) को घेर लिया और निर्माण कार्य में लापरवाही तथा कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। कुछ देर के लिए मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। इस बीच जांच अधिकारियों ने भी प्रथम दृष्टया निर्माण कार्य में कुछ कमियां मिलने की बात कही है।
नगर पालिका परिषद सिसवा में करोड़ों रुपये की लागत से अमृत सरोवर का निर्माण कार्य चल रहा है। कुछ दिन पहले इसी निर्माणाधीन सरोवर में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई थी। घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे। साथ ही निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें भी प्रशासन तक पहुंची थीं। इन्हीं शिकायतों की जांच के लिए गुरुवार को अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची।
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जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार मिश्रा, एसडीएम निचलौल, डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह और नगर पालिका के जेई देवेंद्र समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान मृतक बच्चों के परिजन मौके पर पहुंच गए और जेई को घेरकर निर्माण कार्य में लापरवाही तथा कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाने लगे। उनका आरोप था कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिसकी वजह से तीन मासूमों की जान चली गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिजनों का आक्रोश इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। इसी बीच नगर पालिका के जेई वहां से निकल गए। मौजूद लोगों ने अधिकारियों के सामने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कथित अनियमितताओं को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य में कुछ कमियां मिलने की बात कही। बताया गया कि अधिशासी अभियंता राजकुमार मिश्रा जांच से संबंधित दस्तावेज और फाइलें अपने साथ ले गए हैं।
Location : Maharajganj
Published : 6 August 2026, 8:20 PM IST