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भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट दोरांगला सेक्टर में स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर शनिवार की रात को दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का मामला गरमाता जा रहा है। पंजाब सरकार एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि जब सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही किसी बड़ी वारदात का इनपुट जारी कर दिया था, तो सरकार कहां सो रही थी।
सीमा पर पुलिसकर्मियों की हत्या (Image source: Google)
Gurdaspur: पंजाब के जिला गुरदासपुर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट दोरांगला सेक्टर में स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर शनिवार की रात को दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का मामला गरमाता जा रहा है। पंजाब सरकार एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि जब सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही किसी बड़ी वारदात का इनपुट जारी कर दिया था, तो सरकार कहां सो रही थी। आखिर हत्यारे कौन थे? शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने राज्य की AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में कानून‑व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
शनिवार की रात को सीमा के निकट दोरांगला सेक्टर में स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर दो सिपाहियों की हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (कमांडो) गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार के रूप में हुई है। दोनों रात की ड्यूटी पर तैनात थे। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं। मौके से पुलिस को छह खाली खोल भी बरामद हुए हैं, जिससे अंदेशा है कि हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। फॉरेंसिक और तकनीकी टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल लोकेशन डाटा खंगाला जा रहा है।
हत्या के बाद पूरे सूबे में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गांव आधियां स्थित चौकी के भीतर दोनों के शव खून से लथपथ हालत में मिले थे। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चेक पोस्ट पर सिपाहियों की हत्या का मामला गरमाता जा रहा है। कहा जा रहाहै कि सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ दिन पहले ही इलाके में किसी बड़ी वारदात को लेकर इनपुट जारी कर दिया था। इसमें बताया गया था कि पांच संदिग्ध किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बावजूद पुलिस समय रहते उचित कदम नहीं उठा सकी और दो पुलिस कर्मियों को शहीद होना पड़ा। सीमा से सटे गांव आदियां पहुंचे सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी साफ किया है कि सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही किसी बड़ी वारदात का इनपुट जारी कर दिया था।
सवाल यह भी उठ रहा है कि इससे पहले सीमावर्ती क्षेत्र दीनानगर व पठानकोट एयरबेस पर बड़े हमले होने के बावजूद सीमा से मात्र डेढ़ किलोमीटर दूरी पर स्थित पुलिस चौकी में केवल दो जवानों को ही क्यों तैनात किया गया था?
रविवार रात को घटनास्थल के पास की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें दो मोटरसाइकिलों पर पांच लोग देखे गए हैं। इससे साफ होता है कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पुख्ता थी, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण दो मुलाजिमों की जान चली गई।
सिविल अस्पताल के सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान दोनों पुलिस मुलाजिमों के शरीर से सात गोलियां मिली हैं। एएसआइ गुरनाम सिंह के शरीर से चार, जबकि अशोक कुमार के शरीर से तीन गोलियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि चेक पोस्ट के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की तारें कुछ समय पहले गन्ने की ट्राली से उलझने के कारण टूट गई थी, जिसे अभी तक रिपेयर नहीं कराया गया था।
बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार भले ही पाकिस्तानी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है, लेकिन पूर्व के हमलों पर गौर करें तो पाकिस्तानी आतंकी कभी भी किसी को पिस्टल से गोली नहीं मारते, वे हमेशा या तो बर्सट मारते हैं या गला रेत कर हत्या कर देते हैं। इसलिए हमलावर पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में हो सकते हैं, लेकिन भारत से ही संबंधित हैं।