थार पर फर्जी विधानसभा पास, नौकरी का झांसा और फिर बैंक खाते-ATM पर कब्जा! ऐसे चलता था ठगी का खेल, 3 गिरफ्तार

सीतापुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से बैंक खाते, एटीएम और पासबुक हासिल करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से महिंद्रा थार, उत्तर प्रदेश विधानसभा का कूटरचित पास और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस अब गिरोह के दूसरे सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 16 August 2026, 7:56 PM IST
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Sitapur: सीतापुर में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के सदस्य खुद को रसूखदार दिखाने के लिए महिंद्रा थार पर उत्तर प्रदेश विधानसभा का फर्जी पास लगाकर घूमते थे। इसके बाद बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता और धीरे-धीरे उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और पासबुक अपने कब्जे में लेकर वित्तीय धोखाधड़ी की जाती थी।

फर्जी पास लगाकर बनाते थे रौब

पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने लोगों को प्रभावित करने के लिए महिंद्रा थार पर उत्तर प्रदेश विधानसभा का कूटरचित पास लगा रखा था। गाड़ी और फर्जी पास देखकर सामने वाला व्यक्ति उन्हें प्रभावशाली और पहुंच वाला समझ लेता था।

बैंक खाते और ATM लेकर करते थे वित्तीय धोखाधड़ी

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह का मकसद केवल नौकरी का झांसा देना नहीं था। आरोपित लोगों के बैंक खातों और एटीएम से जुड़ी जानकारी हासिल कर उनका इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी में करते थे।

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गंगाधर मिश्र कॉलोनी मोड़ पर पुलिस ने दबोचा

एसपी अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अपराध और ठगी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एएसपी आलोक सिंह के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस टीम को गिरोह के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने गंगाधर मिश्र कॉलोनी मोड़ के पास घेराबंदी की और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए आरोपी?

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आयुष यादव पुत्र सुनील यादव निवासी जीडीसी कॉलेज, थाना खैराबाद, शौर्य कन्नौजिया पुत्र राकेश कुमार कन्नौजिया निवासी सदर बाजार, थाना कोतवाली नगर और आयुष यादव पुत्र संजीत सिंह यादव निवासी एबीडी कॉलोनी, रोटी गोदाम, थाना कोतवाली नगर के रूप में हुई है।

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पुराने मुकदमों की भी जांच

सीओ सिटी कपूर कुमार के मुताबिक आरोपितों के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों में बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई चल रही थी। जांच के दौरान कूटरचित दस्तावेजों से संबंधित धाराओं की भी बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अब आरोपितों के मोबाइल फोन और बरामद सामान की भी जांच कर रही है।

बेरोजगारों को बनाया जाता था निशाना

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि आरोपित नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाते थे। सरकारी या अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर पहले विश्वास हासिल किया जाता था। इसके बाद बैंकिंग से जुड़ी चीजें अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।

Location :  Sitapur

Published :  16 August 2026, 7:56 PM IST

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