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तीन दिन बाद अंतिम संस्कार को राजी हुए परिजन (Img: Dynamite News)
Pratapgarh: लीलापुर थाना क्षेत्र के सिंधौरा गांव में पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार रविवार को समाप्त हो गया। परिजनों और पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के बीच हुई मैराथन वार्ता के बाद, पीड़ित परिवार शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हो गया। इस सहमति के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है और गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
लीलापुर थाना क्षेत्र में सिंधौरा गांव निवासी एवं पूर्ति विभाग में संविदा पर तैनात कम्प्यूटर आपरेटर सौरभ विश्वकर्मा (32) की घर लौटते समय दबंगों से बेरहमी से लाठी-डंडे और सरिया से अधमरा कर छोड़ दिया था। जहां मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना से आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। पिछले तीन दिनों से शव घर पर ही रखा हुआ था, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। रविवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों के साथ बैठकर उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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सिंधौरा गांव निवासी संविदा लिपिक सौरभ विश्वकर्मा की हत्या में शामिल सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, आरोपितों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई, आरोपी के सरकारी गल्ले की दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये मुआवजा व पत्नी के नाम शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने की मांग पर सहमति बनी है।
मृतक लिपिक सौरभ विश्वकर्मा के पिता की तहरीर पर लीलापुर पुलिस ने पूर्व ब्लाक प्रमुख संजय उर्फ बड़े तिवारी, उनके बेटे सौरभ तिवारी, दरोगा तिवारी, सोनू, मोनू और अशोक तिवारी सहित छह अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इसमें से पुलिस ने आरोपी अवधेश तिवारी, सौरभ तिवारी व पिन्टू उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।
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प्रशासन के ठोस आश्वासन और स्थानीय संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप के बाद परिजन मान गए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। इस दौरान चार माह की बेटी को लेकर मृतक की पत्नी शव से लिपटकर चीखने लगी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई।पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिंधौरा गांव और घाट के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।
Location : Pratapgarh
Published : 16 August 2026, 6:10 PM IST