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जीवित पाए गए बुजुर्ग (Img: X)
Agra: सदर तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल सत्यदीप पर आरोप है कि उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन के वार्षिक सत्यापन के दौरान नियमों का पालन नहीं किया। बताया गया कि सत्यापन की सूची एक जन सेवा केंद्र (सीएससी) संचालक को सौंप दी गई थी। आरोप है कि सीएससी संचालक ने लाभार्थियों से लेखपाल के नाम पर 200 रुपये की मांग की। जिन सात बुजुर्गों ने पैसे नहीं दिए, उन्हें सत्यापन रिपोर्ट में मृत दिखाकर समाज कल्याण विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच कराई। जांच में पाया गया कि जिन सात लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया गया था, वे सभी जीवित हैं। इसके बाद एसडीएम सदर विक्रम राघव ने राजस्व और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की पांच सदस्यीय संयुक्त जांच समिति बनाई। समिति ने अपनी रिपोर्ट में लेखपाल की सत्यापन रिपोर्ट को गलत पाया।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर लेखपाल सत्यदीप के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही उनका बसई मुस्तकिल क्षेत्र का प्रभार हटा दिया गया है और उन्हें आरके (रजिस्ट्रार अभिलेखागार) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला समाज कल्याण विभाग ने ताजगंज और कटरा फुलेल क्षेत्रों में वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन दोबारा कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन सात बुजुर्गों को गलत तरीके से मृत घोषित किया गया था, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी। यदि दोबारा जांच में किसी अन्य प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो उसे भी तुरंत ठीक कराया जाएगा।
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एसडीएम सदर विक्रम राघव ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट में सभी सात बुजुर्ग जीवित पाए गए हैं। इसलिए संबंधित लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के पेंशन का लाभ मिलता रहेगा।
Location : Agra
Published : 16 August 2026, 4:49 PM IST
Topics : Agra news Hindi News UP News