Maharajganj: मदरहुड हॉस्पिटल केस में नया मोड़, जांच रिपोर्ट से खुलेगा मौत का सच

सोनौली स्थित मदरहुड हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। परिजनों के आरोपों के बीच अब पूरे प्रकरण की जांच सीएमओ को सौंप दी गई है। जांच में ऑपरेशन प्रक्रिया, इलाज और संबंधित चिकित्सकीय कर्मियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 31 May 2026, 2:58 PM IST
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Maharajganj: महराजगंज जिले के सोनौली क्षेत्र स्थित मदरहुड हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब जांच के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को सौंप दी गई है। परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन दोनों सक्रिय हो गए हैं।

ऑपरेशन करने वाले की भूमिका पर उठ रहे सवाल

मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि प्रसूता का ऑपरेशन किसने किया और उपचार के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन हुआ या नहीं। क्षेत्र में एक चर्चित कथित डॉक्टर का नाम चर्चा में है, जिस पर ऑपरेशन करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगालेगी जांच टीम

सीएमओ की अगुवाई में होने वाली जांच के दौरान अस्पताल के सभी दस्तावेज, ऑपरेशन रिकॉर्ड, मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, रेफरल प्रक्रिया और उपचार से जुड़े अभिलेखों की गहन समीक्षा की जाएगी। जांच टीम संबंधित चिकित्सकों, स्टाफ और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका का भी परीक्षण करेगी।

पहले के विवाद भी चर्चा में

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि जिस कथित डॉक्टर का नाम सामने आ रहा है, वह पूर्व में भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। हालांकि वर्तमान मामले में उनकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं माना जा रहा है।

जांच रिपोर्ट से तय होगी जिम्मेदारी

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, नियमों के उल्लंघन या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरोप साबित न होने की स्थिति में संबंधित पक्ष को राहत मिल सकती है।

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क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 को फरीदा खातून पत्नी अब्दुल करीम का मदरहुड हॉस्पिटल में ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई। 25 मई को उन्हें महराजगंज के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर 29 मई को उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

महराजगंज: प्रसूता की मौत मामला गरमाया, मदरहुड हॉस्पिटल की जांच सीएमओ को सौंपी गई

रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे जिले की निगाहें सीएमओ की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूता की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

Location :  Maharajganj

Published :  31 May 2026, 2:58 PM IST

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