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नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड
Noida: प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर (एनआईटी) से इंजीनियरिंग की डिग्री, नामी कंपनी में हाई-पेइंग जॉब और लाखों का पैकेज, यह किसी भी युवा के लिए सफलता की मिसाल है। लेकिन झारखंड के निवासी आदित्य आनंद आज अपनी अर्जी के लिए नहीं, बल्कि हिंसा के कथित मास्टरमाइंड के रूप में चर्चा में हैं।
आदित्य आनंद ने एक प्रतिभाशाली छात्र बनना शुरू किया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर से बीटेक करने के बाद उसे एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में चयन मिल गया। उसकी क्षमता का आकलन इसी तरह किया जा सकता है कि उसे शुरुआती दौर में ही आकर्षक लेक की पेशकश हुई थी और वह गुड़गांव के सोसायटी सेक्टर में अपने इतिहास की मजबूत पोर्टफोलियो हिस्सेदारी पर काम कर रही थी।
आदित्य के जीवन में बड़ा बदलाव साल 2022 में आया। सोशल मीडिया के माध्यम से वह 'मजदूर बिगुल' नामक संगठन के संपर्क में आई।
उनकी विचारधारा से हटकर श्रमिक श्रमिकों और कट्टरपंथी विचारधारा की ओर बढ़ना लगा।
धीरे-धीरे उसने फैक्ट्रियों में आत्मकथा की स्थिति का अवलोकन और दस्तावेजीकरण शुरू किया। वर्ष 2023 में 'भगत सिंह जन अधिकार यात्रा' के दौरान उनसे मुलाकात हुई, जिसमें कई कट्टरपंथियों से जुड़े लोग शामिल हुए, जिन्होंने उनकी सोच और दिशा को प्रभावित किया।
इसके बाद आदित्य ने सरकारी नौकरी और लाखों कर्मचारियों को पूरी तरह से छोड़ दिया और सक्रिय रूप से बैंकों में शामिल हो गया।
पुलिस जांच के अनुसार, वह सिर्फ एक कार्यकर्ता नहीं था, बल्कि एक योजनाबद्ध तरीके से रणनीति बनाने वाला प्रमुख व्यक्ति बन गया, जिसने तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर सहयोग करने में अहम भूमिका निभाई।
एक मेधावी इंजीनियर से बबसी के सेंटर में इस व्यक्ति की कहानी यह है कि कैसे दिशा बदलने वाले जज के जीवन को पूरी तरह से बदल सकते हैं।
Location : Noida
Published : 20 April 2026, 2:04 PM IST