उत्तराखंड के पहाड़ों में आफत के 72 घंटे! बागेश्वर से रुद्रप्रयाग तक मलबे में तब्दील हुईं सड़कें, नदियां उफान पर, स्कूल बंद

उत्तराखंड के बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में मूसलधार बारिश से जनजीवन बेहाल हो गया है। बागेश्वर में 12 सड़कें बंद और स्कूल स्थगित हैं, तो रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में हाईवे ठप हो चुके हैं। पढ़िए दोनों जिलों की ग्राउंड रिपोर्ट।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 July 2026, 11:41 AM IST
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Bageshwar: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में कुदरत का मिजाज बिगड़ते ही जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में बीते तीन दिनों से जारी मूसलधार बारिश ने तबाही की नई तस्वीर पेश की है। लगातार गिरते मलबे, बोल्डर और पेड़ टूटने से कई मुख्य रास्ते और संपर्क मार्ग पूरी तरह ठप हो चुके हैं।

पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों और इलाज के लिए निकलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बागेश्वर: सरयू-गोमती में उफान, 12 सड़कें बंद और स्कूलों में ताले

बागेश्वर जिले में मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलधार बारिश से हालात काफी चिंताजनक हैं। भूस्खलन के चलते जिले की 12 मोटर सड़कें बंद हो गई हैं। बारिश के पानी से सरयू और गोमती नदियां उफान पर बह रही हैं, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

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बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है। हालांकि, पढ़ाई का नुकसान न हो, इसलिए निजी स्कूलों के छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे।

सड़कें बनीं तालाब, वाहनों पर गिर रहे पत्थर

दूसरी ओर, रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि में पिछले 72 घंटों की मूसलधार बारिश ने तबाही मचा दी है। अगस्त्यमुनि बाजार की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और बरसाती नाले घरों के मुहाने तक पहुंच चुके हैं।

अगस्त्य मुनि-बेडूबगड़ में एक चलती गाड़ी पर अचानक पहाड़ी से पत्थर गिर गए, गनीमत रही कि यात्री बाल-बाल बच गए। बारिश और पहाड़ दरकने के कारण जिले के दोनों प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप है।

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राहत-बचाव में जुटी मशीनें, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

दोनों ही जिलों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ बंद रास्तों को खोलने में जुटी हुई हैं। खतरे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि लोग उफान मारते नदी-नालों और भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहें। अधिकारियों का कहना है कि "सावधानी में ही जीवन है", इसलिए जब तक मौसम सामान्य नहीं होता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें।

Location :  Bageshwar

Published :  29 July 2026, 11:40 AM IST

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