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गुलदार हमला (Img- Pinterest)
Almora: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सल्ट के डभरा सौराल के घोड़ीधार इलाके में बाघ की दहशत अभी कम भी नहीं हुई थी कि स्याल्दे ब्लॉक क्षेत्र में गुलदार के खूनी हमले ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। लेकिन इस बार गुलदार का सामना एक निडर और साहसी बेटी से हुआ, जिसने मौत को सामने देखकर भी हार नहीं मानी और अपनी बहादुरी से उसे भागने पर मजबूर कर दिया।
घटना बबलूया ग्राम पंचायत के मयाल तोक की है। गुरुवार देर शाम 22 वर्षीय सुनीता कत्यूरा पुत्री हर सिंह कत्यूरा अपने घर से कुछ ही दूरी पर मवेशियों के लिए चारा (घास) लेने गई थी। झाड़ियों में पहले से घात लगाकर बैठे खूंखार गुलदार ने अचानक सुनीता पर जानलेवा हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से सुनीता एक पल के लिए सहम गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं खोई।
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गुलदार के चंगुल में फंसने के बावजूद सुनीता ने अपने होश हवास बनाए रखे। उसने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू किया और अपने परिवार व ग्रामीणों को आवाज दी। इसके साथ ही अपने हाथ में मौजूद दराती (हंसिया) को ही अपना हथियार बना लिया और गुलदार का डटकर मुकाबला करने लगी। सुनीता के इस अदम्य साहस और ग्रामीणों के मौके पर दौड़ने के कारण गुलदार को उल्टे पांव जंगल की ओर भागना पड़ा।
गुलदार के हमले में गंभीर रूप से घायल सुनीता को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देघाट ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता सुमित सिंह मनराल की सूचना पर वन विभाग की टीम (चंद्रशेखर त्रिपाठी, पंकज सिंह बिष्ट, बलवीर सिंह) मौके पर पहुँची। वन विभाग ने इलाके में ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि इस आदमखोर को जल्द पकड़ा जा सके।
Location : Almora
Published : 7 August 2026, 10:02 AM IST