Uttarakhand में नगर निगम का बड़ा फैसला, अब शादी में किन्नर नहीं वसूल पाएंगे भारी बधाई, तय हुई लिमिट

नगर निगम की बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। अब शहर में खुशियों के मौकों पर किन्नर ₹2100 से ज्यादा बधाई नहीं वसूल पाएंगे। साथ ही पार्षदों के भत्ते और वेंडरों की फीस को लेकर भी बड़े फैसले लिए गए। पूरी खबर यहाँ पढ़ें

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 May 2026, 2:57 PM IST
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Rishikesh: तीर्थनगरी में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। नगर निगम में आयोजित बोर्ड बैठक में एक ऐसा प्रस्ताव पास हुआ है, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। अक्सर देखा जाता है कि शादी-ब्याह या बच्चे के जन्म पर किन्नर टोली बनाकर आते हैं और मुंह मांगी रकम की मांग करते हैं। इसे लेकर अब नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है।

2100 रुपये से ज्यादा नहीं ले सकेंगे बधाई

नगर निगम की बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हुई। इस दौरान पार्षद अभिनव सिंह मलिक ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि शहर में कई बार किन्नर खुशियों के त्योहारों पर इतनी ज्यादा रकम मांगते हैं जिसे देना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

जो लोग उनकी मांग पूरी नहीं कर पाते, उनके घर पर हंगामा किया जाता है और कई बार तो बात मारपीट तक पहुंच जाती है। सदन ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए सर्वसम्मति से पास कर दिया। अब शहर में शादी या जन्म के मौके पर किन्नर 2100 रुपये से ज्यादा की बधाई नहीं ले पाएंगे।

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पार्षदों के भत्ते और बैठक में हंगामा

बैठक सिर्फ प्रस्तावों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें काफी गहमागहमी भी देखने को मिली। शुरुआत में जब बैठक शुरू हुई, तो सभी 40 पार्षदों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। इस बात से नाराज होकर कुछ पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।

माहौल बिगड़ता देख नगर आयुक्त ने पार्षदों को समझाया और तुरंत नया फर्नीचर मंगवाया गया, जिसके बाद पार्षद शांत हुए और कार्यवाही आगे बढ़ी। बैठक में पार्षदों को दिए जाने वाले भत्ते पर भी सहमति बनी है। अब इस फाइल को मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा, वहां से हरी झंडी मिलते ही पार्षदों को भत्ता मिलना शुरू हो जाएगा।

वेंडरों की फीस पर जताई आपत्ति

बैठक में पार्षद लव कांबोज ने वेंडरों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सीमा डेंटल क्षेत्र के 44 वेंडरों को भेजे गए 21 हजार रुपये के नोटिस का विरोध किया। पार्षद का तर्क था कि नगर निगम को समय-समय पर शुल्क वसूलना चाहिए था।

अचानक इतनी बड़ी रकम का बोझ रेहड़ी-पटरी वालों पर डालना गलत है, क्योंकि वेंडर इतनी बड़ी राशि एक साथ देने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने इसके लिए कर अनुभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। फिलहाल वेंडर अप्रैल 2026 से अपना नियमित शुल्क जमा कर रहे हैं।

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शहर की बुनियादी समस्याओं पर चर्चा

बैठक के आखिरी चरण में पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को सदन के सामने रखा। कई पार्षदों ने आवारा पशुओं और कुत्तों के आतंक का मुद्दा उठाया और मांग की कि निराश्रित पशुओं को तुरंत गौशाला में शिफ्ट किया जाए।

इसके अलावा खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने और जर्जर सड़कों की मरम्मत करने की भी मांग की गई। निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।

Location :  Rishikesh

Published :  12 May 2026, 2:57 PM IST

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