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(प्रतीकात्मक छवि: फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Ramnagar: नैनीताल जिले के रामनगर से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां टाइगर के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए एक हाथी के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना न केवल वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि जंगलों में बदलते पारिस्थितिक संतुलन की ओर भी इशारा करती है।
जानकारी के अनुसार, रामनगर वन प्रभाग की देचौरी रेंज में देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पवलगढ़ सफारी मार्ग के पास क्यारी गांव क्षेत्र में सफारी कर रहे जिप्सी चालकों और नेचर गाइडों ने एक हाथी के बच्चे को घायल अवस्था में देखा। शावक सड़क किनारे पड़ा हुआ था और उसकी हालत बेहद गंभीर दिखाई दे रही थी।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया। इसके बाद वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम ने घायल शावक को सुरक्षित तरीके से उठाकर तत्काल उपचार के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया।
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रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला ने बताया कि हाथी के बच्चे की उम्र करीब 6 माह थी। उसके शरीर पर टाइगर के पंजों और दांतों के गहरे निशान पाए गए थे, जिससे स्पष्ट होता है कि उस पर बाघ ने हमला किया था। हमले के कारण शावक बुरी तरह घायल हो गया था और उसके शरीर से काफी खून बह चुका था।
रेस्क्यू सेंटर में वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यन्त शर्मा और उनकी टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने शावक को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक थी। गंभीर चोटों के चलते कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई, जिससे पूरे वन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
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वन विभाग ने नियमानुसार हाथी के बच्चे का पोस्टमार्टम कराया। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसके शव को सम्मानपूर्वक दफना दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना की पूरी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Location : Ramnagar
Published : 18 April 2026, 2:37 PM IST