हिंदी
नैनीताल जिले में छह अलग-अलग स्थानों से एक साथ कई आपदा की काल आयी। जिसने पूरे प्रशासन को अलर्ट मोड में ला दिया। भूस्खलन, बाढ़, भगदड़, बस हादसा, नाव पलटना और वन्यजीव हमले जैसी स्थितियों ने जिले में अफरातफरी मचा दी।
नैनीताल में कई स्थानों से एक साथ आई कई आपदा सूचनाएं
Nainital: जनपद में मंगलवार को अचानक एक साथ अलग-अलग स्थानों से आपदा जैसी स्थितियों की सूचनाएं मिलते ही प्रशासनिक तंत्र अलर्ट मोड में आ गया। भूस्खलन, बाढ़, सड़क हादसा, भगदड़, नाव दुर्घटना और वन्यजीव हमले जैसी आपात स्थितियों की सतर्क सूचना मिलते ही राहत दलों की तत्काल तैनाती कर इलाके में तत्परता से बचाव अभियान चलाया गया।
बाद में पता चला कि ये सभी घटनाएं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित व्यापक आपदा पूर्वाभ्यास अभियान का हिस्सा थीं। इस मॉकड्रिल ने आपदा के समय विभिन्न विभागों की तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमता और समन्वय को परखने का मौका दिया।
जिले की पांच तहसीलों नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, कैंचीधाम और खनस्यू में पूर्वाह्न 10:30 बजे शुरू हुए इस अभ्यास के तहत अलग-अलग परिदृश्यों में त्वरित बचाव कार्य किए गए। जिला आपदा परिचालन केंद्र को चार्टन लॉज, कल्सिया नाला, कालाढूंगी रेंजर ऑफिस, कैंचीधाम मंदिर परिसर, बोट हाउस क्लब मल्लीताल और ओसाड़ बैंड ओखलकांडा–करायल के बीच दुर्घटनाओं की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत रवाना की गईं और आईआरएस प्रणाली को सक्रिय करते हुए सभी जगह स्टेजिंग एरिया बनाकर बचाव कार्य संचालित किए गए।
मल्लीताल बोट हाउस क्लब क्षेत्र में नाव पलटने की सूचना मिलते ही बचाव दल ने ताल में गिरे पांच पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें चार को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया, जबकि एक घायल को बी.डी. पांडे चिकित्सालय रेफर किया गया।
इसी बीच कालाढूंगी वन क्षेत्र में बाघ के हमले की सूचना पर वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाकर घायल व्यक्ति को जंगल से सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीएचसी कालाढूंगी भेजा गया, जबकि बाघ को ट्रेंकुलाइज कर नैनीताल स्थानांतरित किया गया।
चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना के बाद सात लोगों के दबे होने की जानकारी मिली। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर सभी व्यक्तियों को निकाल लिया। छह लोगों को हल्की चोटें आई थीं, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि एक को हायर सेंटर रेफर किया गया।
कैंचीधाम मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बनते ही राहत दल ने 20 लोगों को रेस्क्यू किया। तीन को स्टेजिंग एरिया में उपचार दिया गया, जबकि एक को सीएचसी खैरना में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति सामान्य बताई गई।
Nainital Road Accident: नैनीताल के चार युवकों की लखनऊ-दिल्ली हाइवे हादसे में दर्दनाक मौत, एक गंभीर
ओसाड़ बैंड ओखलकांडा करायल के बीच बस के खाई में गिरने की सूचना पर बचाव टीमों ने 35 यात्रियों को सुरक्षित निकाला। इनमें 14 को प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों को सौंपा गया, जबकि चार गंभीर घायलों को उपचार के लिए सीएससी/पीएचसी ओखलकांडा और खनस्यू रेफर किया गया।
कल्सिया नाला, हल्द्वानी में आई त्वरित बाढ़ में फंसे 12 लोगों को भी टीमों ने सुरक्षित निकाल लिया। दस को मौके पर ही उपचार देकर छोड़ दिया गया, जबकि दो को गंभीर अवस्था में बेस अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया।
इन सभी अभियानों का अपर जिलाधिकारी नैनीताल शैलेंद्र सिंह नेगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग किया और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए।
इस दौरान डीडीओ नैनीताल गोपाल गिरी गोस्वामी, आरटीओ नैनीताल गुरुदेव सिंह, एसीएमओ नैनीताल, पुलिस कंट्रोल रूम से आनंद पंत और एनडीआरएफ इंस्पेक्टर नाजिम हुसैन सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।