Nainital: वन क्षेत्रों के संरक्षण और संवर्धन में उत्तराखंड की भूमिका पर क्या बोले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

नैनीताल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उत्तराखंड को वन संरक्षण और संवर्धन का मजबूत मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि वन पंचायतें जनभागीदारी के साथ जंगल, पानी और जमीन के संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रही हैं। बिरला ने वन क्षेत्रों की औषधियों की बढ़ती मांग और भारत सरकार के शोध प्रयासों पर भी जोर दिया।

Nainital: लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला नैनीताल एटीआई पहुंचे जहां पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अजय भट्ट ने उनका स्वागत किया। नैनीताल में आयोजित वन पंचायत पंचायती राज शहरी विकास कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड विकास और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में देश को एक मजबूत संदेश दे रहा है। वह उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी में वन पंचायत, पंचायती राज और शहरी विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

क्या है पूरी खबर?

बिरला ने बताया कि उन्हें उन प्रतिनिधियों से बातचीत का मौका मिला, जो जंगल, पानी और जमीन के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में वन पंचायतें जनभागीदारी के जरिए वन क्षेत्रों के संरक्षण और संवर्धन में सराहनीय भूमिका निभा रही हैं। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि यह मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक उदाहरण बन रहा है।

औषधियों का लाभ

लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया कि दुनिया भर में वन क्षेत्रों की औषधियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार शोध और नवाचार को बढ़ावा दे रही है ताकि वन क्षेत्र में पाई जाने वाली औषधियों का लाभ वैश्विक स्तर तक पहुंच सके। इसके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट दिखाई देंगे।

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जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान

बिरला ने यह भी कहा कि भारत दुनिया के सामने एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत कर रहा है, जहां वन्यजीव संरक्षण के साथ मानव समुदाय भी प्रकृति के साथ सह अस्तित्व में रहता है और उसके संरक्षण का कार्य करता है। उन्होंने वन समितियों की सराहना की और कहा कि ये समितियां जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान को रोकने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उनका यह योगदान दुनिया को एक मजबूत संदेश देता है।

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बावजूद काम प्रभावी रूप से आगे बढ़

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बिरला ने दोहराया कि आने वाले समय में उत्तराखंड वन पंचायतों के माध्यम से देश का एक आदर्श मॉडल राज्य बन सकता है, जहां जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद काम प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है।

Location :  नैनीताल

Published :  29 April 2026, 8:24 PM IST

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