जब भोजपुरी अंदाज में ‘दीवार’ के डायलॉग बोले मनोज बाजपेयी, देखते रह गए शेखर सुमन

मनोज बाजपेयी 'शेखर टूनाइट' में पहुंचे जहां उन्होंने 'दीवार' फिल्म के डायलॉग भोजपुरी में बोलकर सबको चौंका दिया। उनकी क्लिप वायरल हो गई और फैंस ने जमकर तारीफ की। शो में उन्होंने अपने बचपन, संघर्ष और सफलता की दिलचस्प कहानी भी साझा की।

Updated : 14 June 2026, 3:19 PM IST
google-preferred

Mumbai: एक्टर मनोज बाजपेयी हाल ही में शेखर सुमन के चैट शो ‘शेखर टूनाइट’ के पांचवें एपिसोड में गेस्ट के तौर पर शामिल हुए। इस एपिसोड में वह अपनी नई फिल्म ‘गवर्नर’ के प्रमोशन के लिए पहुंचे थे। शो के दौरान उन्होंने अपने करियर, संघर्ष और शुरुआती दिनों को लेकर खुलकर बातचीत की। साथ ही माहौल में हल्के-फुल्के और मजेदार पल भी देखने को मिले, जिसने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया।

‘दीवार’ के डायलॉग्स भोजपुरी में बोलकर जीता दिल

शो का सबसे खास और चर्चित हिस्सा वह रहा जब शेखर सुमन ने मनोज बाजपेयी से अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म ‘दीवार’ के डायलॉग्स भोजपुरी में बोलने को कहा। पहले शेखर ने खुद फिल्म के डायलॉग्स सुनाए और फिर मनोज बाजपेयी ने उन्हें बेहद सहज और प्रभावशाली अंदाज में भोजपुरी में दोहराया। उनकी बोली गई भोजपुरी ने न सिर्फ वहां मौजूद दर्शकों को प्रभावित किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह क्लिप तेजी से वायरल हो गई।

Bollywood News: धर्मेंद्र की 90वीं सालगिरह बनेगी यादगार, सनी–बॉबी देओल देने वाले हैं बड़ा गिफ्ट

सोशल मीडिया पर छाया वीडियो, फैंस ने की तारीफ

मनोज बाजपेयी का यह वीडियो इंटरनेट पर जमकर शेयर किया जा रहा है। फैंस उनकी भोजपुरी डिलीवरी की खूब तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने मजेदार कमेंट्स भी किए। एक यूजर ने लिखा कि “दो बिहारी सब पर भारी”, जबकि दूसरे ने कहा कि “बिहारी की पावर की तुलना नहीं हो सकती।” वीडियो को लेकर लोगों में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है और यह क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड कर रही है।

शेखर सुमन का मजेदार कमेंट

इस पूरे सेगमेंट के दौरान शेखर सुमन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मनोज बाजपेयी ने तो ChatGPT को भी फेल कर दिया। उनका इशारा इस ओर था कि मनोज ने भोजपुरी में जिस तरह से डायलॉग्स बोले, वह काफी नैचुरल और प्रभावशाली था। इस बातचीत ने शो के माहौल को और भी हल्का-फुल्का और मनोरंजक बना दिया।

पटना से शुरू हुई सपनों की कहानी

इसी एपिसोड में मनोज बाजपेयी ने अपने शुरुआती जीवन को भी याद किया। उन्होंने बताया कि मुंबई और दिल्ली से पहले उनका बचपन पटना में बीता, जहां एक छोटे से लड़के ने फिल्म के पोस्टर देखकर सपने देखना शुरू किया था। उन्होंने बताया कि शहर में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम बड़े होर्डिंग्स पर देखकर उनके मन में गर्व और प्रेरणा का भाव पैदा हुआ था।

स्कूल के दिनों में पहली पहचान

मनोज ने बताया कि पांचवीं कक्षा में उनके टीचर गंगासागर साहब ने उन्हें एक शिक्षा प्रतियोगिता में अपनी क्लास का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना था। उन्हें हरिवंश राय बच्चन की कविता सुनाने के लिए कहा गया था। जब उन्होंने मंच पर कविता सुनाई तो लोगों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। टीचर और सहपाठी सभी ने उनकी सराहना की। यह अनुभव उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ और उन्हें पहली बार एहसास हुआ कि वह मंच पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

Bollywood News: दीपिका-रणवीर की दुआ का पहला बर्थडे, एक्ट्रेस ने खास अंदाज में मनाया जश्न; लिखा – ‘ये मेरे प्यार की…’

पिता के संघर्ष और बड़ा सपना

मनोज बाजपेयी ने यह भी साझा किया कि उन्होंने अपने पिता को यह विश्वास दिलाया था कि वह डीएम बनने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि वे दिल्ली में पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ा।

शो में शेखर सुमन ने मनोज बाजपेयी की यात्रा को संक्षेप में बताते हुए कहा कि बेतिया का एक लड़का आज पद्म श्री और चार नेशनल अवॉर्ड्स के साथ एक सम्मानित कलाकार बन चुका है। मनोज ने यह भी बताया कि उनके लिए पद्म श्री सबसे बड़ा सम्मान है, क्योंकि यह नागरिक स्तर पर दी जाने वाली पहचान है। उन्होंने अपने पिता को भी अवॉर्ड समारोह में साथ ले जाकर उनके संघर्ष और सपनों को सम्मान दिया था।

Location :  Mumbai

Published :  14 June 2026, 3:19 PM IST

Advertisement