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केदारनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर रुद्रप्रयाग प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पार्किंग, डंडी-कंडी व घोड़ा-खच्चर संचालन सहित सभी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
DM की अध्यक्षता में केदारनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों की समीक्षा
Rudraprayag: आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, बीकेटीसी प्रतिनिधि एवं हक-हकूदारों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में यात्रा से जुड़ी प्रारंभिक तैयारियों, विभागीय दायित्वों तथा आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सड़क एवं पैदल मार्गों की स्थिति, पार्किंग, डंडी-कंडी व घोड़ा-खच्चर संचालन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, आवास, यातायात, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और संचार व्यवस्था जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग की सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में समय रहते ट्रीटमेंट कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएच विभाग को सड़क निर्माण व मरम्मत कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने को कहा। जहां भी डायवर्सन आवश्यक हो, वहां स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक
यात्रा के दौरान पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। जिन स्थलों पर स्थानीय महिलाएं पार्किंग संचालन कर रही हैं, वहां आय के 50 प्रतिशत हिस्से को स्थानीय समूहों और 50 प्रतिशत को प्राधिकरण को दिए जाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही गौरीकुंड में श्रद्धालुओं के लिए महिला व पुरुषों के अलग-अलग स्नान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डंडी-कंडी संचालन से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी ऊखीमठ की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति में थाना प्रभारी, समाज कल्याण अधिकारी, एडीओ पंचायत और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इस वर्ष सभी डंडी-कंडी संचालकों का पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और सत्यापन अनिवार्य होगा तथा पर्ची काउंटर के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा।
घोड़ा-खच्चर संचालन को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यात्रा शुरू होने से पहले बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चर मार्ग में प्रवेश न कर सकें। रूद्रप्रयाग जनपद के संचालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस वर्ष सभी घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य होगा, जिसके लिए पशुपालन विभाग बीमा कंपनियों के विकल्प उपलब्ध कराएगा।
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पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, मोबाइल चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण और टेंटों में ठहरने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता व्यवस्था के तहत प्रत्येक सुलभ शौचालय में सफाई कर्मी की तैनाती और महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल की व्यवस्था होगी। ठंड से बचाव हेतु प्रमुख स्थलों पर अलाव लगाए जाएंगे। सोनप्रयाग से ऊपर मांस, शराब व मादक पदार्थों पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने हेतु जिला पंचायत बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।